ITBP का मानवीय चेहरा, नक्सल प्रभावित इलाकों में आदिवासियों को दे रहे हैं खाना, दवा और कपड़े

कोरोनावायरस (Coronavirus) संकट के बीच छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में आईटीबीपी के जवान अपने कर्तव्यों का पालन करने के साथ वहां के गरीब आदिवासियों की सहायता भी कर रहे हैं.

ITBP का मानवीय चेहरा, नक्सल प्रभावित इलाकों में आदिवासियों को दे रहे हैं खाना, दवा और कपड़े

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आईटीबीपी कर रहा गरीब आदिवासियों की मदद

खास बातें

  • कोरोना संकट के बीच आईटीबीपी का मानवीय चेहरा
  • गरीब आदिवासियों की मदद कर रहे हैं जवान
  • बच्चों-बड़ों को दे रहे हैं दवा और खाना
नई दिल्ली:

कोरोनावायरस (Coronavirus) संकट के बीच छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में आईटीबीपी के जवान अपने कर्तव्यों का पालन करने के साथ वहां के गरीब आदिवासियों की सहायता भी कर रहे हैं. उन्हें दवा, भोजन और कपड़े भी पहना रहे हैं. आईटीबीपी जहां चीन से लगती हुई भारतीय सरहदों की सुरक्षा के लिए लगी हुई है. वहीं, छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में भी अपनी ड्यूटी पूरी मुस्तैदी से निभा रही है. आईटीबीपी की 53वीं बटालियन घोर नक्सल प्रभावित इलाकों में अपने कर्तव्यों के साथ लोगों के बीच सामाजिक कार्यों को भी अंजाम दे रही है. 

बेहद नक्सल प्रभावित अबूझमाड़ के कोंडागांव, सोनपुर, और नारायणपुर के आदिवासी इलाकों में लोगों को खाना तथा मास्क, बच्चों को कपड़े और लोगों का इलाज भी कर रही है. अबूझमाड़ के ये वो इलाके है जहां पहुंचना बेहद मुश्किल है. नक्सली हमलों का खतरा हमेशा मंडराता रहता है, लेकिन आदिवासी इलाकों में आईटीबीपी का ये मानवीय चेहरा गांव के लोगों को प्रभावित कर रहा है. 

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गांव के गरीब आदिवासी खुश हैं कि नक्सलियों से सुरक्षा के साथ आईटीबीपी उनका ध्यान रख रही है. नक्सल प्रभावित इलाकों में आईटीबीपी की गरीब आदिवासियों की सहायता से उनका मानवीय चेहरा नज़र आ रहा है. गरीब आदिवासियों को मुफ्त भोजन, कपड़ा और उनका इलाज किया जा रहा है. अबूझमाड़ के नक्सल प्रभावित इलाके बेहद दुर्गम और खतरनाक हैं. आईटीबीपी की पहल से गांव के आदिवासी काफी खुश हैं.

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