नक्सल प्रभावित इलाके की लड़की ने सिविल सेवा परीक्षा पास कर इतिहास रचा, हासिल की 99वीं रैंक

इलेक्ट्रॉनिक्स में इंजीनियरिंग करने के बाद सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने के लिए दिल्ली का रुख करने वाली नम्रता ने कहा कि परिणाम उसके लिए सपने की तरह था.

नक्सल प्रभावित इलाके की लड़की ने सिविल सेवा परीक्षा पास कर इतिहास रचा, हासिल की 99वीं रैंक

खास बातें

  • नम्रता ने 1,099 सफल उम्मीदवारों में 99वीं रैंक लाकर इतिहास रच दिया.
  • नम्रता ने कहा कि परिणाम उसके लिए सपने की तरह था.
  • यह मेरे और मेरे परिवार के लिए सपने के साकार होने जैसा है- नम्रता
नई दिल्‍ली:

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले में पली-बढ़ी नम्रता जैन का सपना सिविल सेवाओं में शामिल होने का था और बुधवार को प्रतिष्ठित सेवाओं के परिणाम घोषित होने के साथ ही उनका सपना साकार हो गया.

हाई स्कूल की पढ़ाई के लिए दुर्ग एवं इंजीनियरिंग करने के लिए भिलाई का रुख करने से पहले जिले के अशांत गीदम शहर में पढ़ाई करने वाली नम्रता ने 1,099 सफल उम्मीदवारों में 99वीं रैंक लाकर इतिहास रच दिया.

इलेक्ट्रॉनिक्स में इंजीनियरिंग करने के बाद सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने के लिए दिल्ली का रुख करने वाली नम्रता ने कहा कि परिणाम उसके लिए सपने की तरह था. उन्‍होंने रायपुर से बताया, 'मैं इस परीक्षा में पास होने पर बहुत खुश हूं. यह मेरे और मेरे परिवार के लिए सपने के साकार होने जैसा है'. 

जापान के आधिकारिक दौरे पर गए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने सफलता पर नम्रता को बधाई दी है. उन्‍होंने फेसबुक पर नम्रता की तस्‍वीर पोस्‍ट करते हुए अपने बधाई संदेश में लिखा कि 'दंतेवाड़ा की नम्रता का आईएएस के लिए चयन होना इस क्षेत्र में नए युग के सूर्योदय का संकेत है. शाबाश नम्रता! आपने न सिर्फ अपने माता-पिता बल्कि पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है. आपकी सफलता पर हम सभी को गर्व है'.

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नम्रता के रिश्तेदार सुरेश जैन ने भी गीदम से बताया, 'वह अपने स्कूल और कॉलेज के समय से ही बहुत पढ़ाकू रही हैं. हम सभी जानते थे कि एक दिन वह सिविल सेवा परीक्षा पास करेगी'. 

(इनपुट भाषा से भी)