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वाइस एडमिरल बिमल वर्मा ने अपनी याचिका ली वापस, अब सरकार से करेंगे अपील

एएफटी ने कहा कि अगर वह आंतरिक उपायों से संतुष्ट नहीं होते तो फिर न्यायाधिकरण में आ सकते हैं. वर्मा ने सोमवार को यहां एएफटी में अपनी याचिका में जानना चाहा था कि सरकार ने उनकी वरिष्ठता की अनदेखी क्यों की.

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वाइस एडमिरल बिमल वर्मा ने अपनी याचिका ली वापस, अब सरकार से करेंगे अपील

वाइस एडमिरल बिमल वर्मा ने दी थी याचिका

नई दिल्ली:

वाइस एडमिरल बिमल वर्मा ने अगले नौसेना प्रमुख के तौर पर वाइस एडमिरल करमबीर सिंह की नियुक्ति को चुनौती देने वाली अपनी याचिका को वापस ले लिया है. उन्होंने यह फैसला एक सैन्य न्यायाधिकरण की सलाह के बाद लिया है. अंडमान निकोबार कमान के कमांडर-इन-चीफ वर्मा ने सोमवार को सशस्त्र बल न्यायाधिकरण (एएफटी) का दरवाजा खटखटाया था और पूछा था कि सबसे वरिष्ठ होने के बाद भी अगले नौसेना प्रमुख के लिए उनके नाम पर विचार क्यों नहीं किया गया. सूत्रों के अनुसार एएफटी ने वर्मा से कहा कि उन्हें अपनी शिकायतों का निवारण आंतरिक उपायों से कर लेना चाहिए जिसके बाद उन्होंने अपनी याचिका वापस ले ली. एएफटी ने कहा कि अगर वह आंतरिक उपायों से संतुष्ट नहीं होते तो फिर न्यायाधिकरण में आ सकते हैं. वर्मा ने सोमवार को यहां एएफटी में अपनी याचिका में जानना चाहा था कि सरकार ने उनकी वरिष्ठता की अनदेखी क्यों की और वाइस एडमिरल करमबीर सिंह को अगला नौसेना प्रमुख क्यों नियुक्त किया है.

देश के अगले नेवी चीफ होंगे वाइस एडमिरल करमबीर सिंह


सरकार ने पिछले महीने सिंह को अगला नौसेना प्रमुख बनाया था. वह एडमिरल सुनील लांबा की जगह लेंगे जो 30 मई को सेवानिवृत्त होंगे. सरकार ने मेरिट के आधार पर चयन किया है और सबसे वरिष्ठ अधिकारी को पद पर नियुक्त करने की परंपरा का अनुसरण नहीं किया है. एडमिरल वर्मा अब इसको लेकर रक्षा मंत्रालय  में वैधानिक शिकायत करेंगे और अगर उनकी शिकायत नही सुनी जाएगी तो फिर  एफटी का दरवाजा खट खटायेंगे. बता दें कि ट्रिब्यूनल ने याचिकाकर्ता को पहले नेवी एक्ट में मौजूद नियमों के तहत सरकार से उसके फैसले के खिलाफ अपील करने को कहा. ए़डमिरल वर्मा ने ये कदम एएफटी की सलाह के बाद ही उठाया.

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 वाइस एडमिरल सुनील लांबा होंगे देश के अगले नौसेना प्रमुख


बिमल वर्मा की तरफ से उनकी बेटी रिया ने अपील की थी. जस्टिस विरेंद्र सिंह ने मामले की सुनवाई करते हुए दिया आदेश सभी लीगल रेमेडीज का इस्तेमाल पहले करना चाहिए, लिहाजा बिमल वर्मा के वकील को भारत सरकार के पास अपील करनी चाहिए ,उसके बाद ही हम कुछ कर सकते हैं. बिमल वर्मा की बेटी रिया का कहना है कि अगर सरकार की ओर से उन्हें न्याय नही मिला तो वे फिर कोर्ट आयेंगी. सरकार ने जिस तरह से उनके काम और वरिष्ठता को नजरअंदाज किया गया है उससे उनको काफी दुख पहुंचा है. वैसे सेना में अमूनन वरीष्ठता के आधार पर ही चीफ बनाया जाता है लेकिन मौजूदा सरकार ने  दिसंबर 2016 में थल सेना प्रमुख के तौर जनरल बिपिन रावत की नियुक्ति की जबकि उनसे दो वरिष्ठ लेफ्चिनेंट जनरल मौजूद थे. 



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