नई दिल्ली:
सरकार ने बुधवार को राज्यसभा में जानकारी दी कि चीनी सैनिकों ने इस साल जुलाई में 200 फुट लंबी पत्थर की एक दीवार को नुकसान पहुंचाया था जिसे अरुणाचल प्रदेश के तवांग इलाके में भारतीय क्षेत्र के 250 मीटर अंदर बनाया गया था। रक्षा मंत्री एके एंटनी ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा, चीन के साथ स्थापित प्रणाली के अनुसार फ्लैग मीटिंग (दोनों पक्षों की) में पीएलए पेट्रोल की कार्रवाई पर चीनी पक्ष के समक्ष सख्त विरोध दर्ज कराया गया। उन्होंने कहा कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) द्वारा दीवार को गिराने की कोशिश को भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया था। एंटनी ने कहा, जुलाई में पीएलए के एक गश्ती दल ने तवांग के यांगसे इलाके में वास्तविक नियंत्रण रेखा से 250 मीटर अंदर हमारी तरफ पत्थरों की 200 फुट लंबी दीवार को पार करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि पीएलए के गश्ती दल ने पत्थर की दीवार को आंशिक रूप से नुकसान पहुंचाया लेकिन इसका पुनर्निर्माण कर दिया गया है। भारतीय सेना ने गश्ती के दौरान बर्फीली हवाओं से बचने के लिए 200 मीटर लंबी दीवार का निर्माण किया था। चीनी सीमा पर बुनियादी ढांचे के विकास के संबंध में पूछे गये एक प्रश्न पर मंत्री ने कहा कि उत्तर और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में 10 रेलवे और 73 सड़क परियोजनाएं चिह्नित की गयी हैं।