New Delhi:
सिटिजन्स चार्टर बिल को आज संसद में प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री वी नारायणसामी ने पेश किया। इस बिल के प्रावधानों के तहत एक तय समय में सभी संस्थाओं को काम पूरा करना होगा। इस कानून के लागू होने पर छह महीने के अंदर संस्था अपने नियम और कार्यों की जानकारी देगी तथा सभी सरकारी संस्थाओं को सूचना केंद्र बनाना होगा। इसके साथ ही सभी संस्थाओं में शिकायत निवारण अधिकारी होंगे। राज्यों में पब्लिक ग्रीवांस रीड्रेसल कमीशन बनेंगे। सरकार ने सिटिजन्स चार्टर को लेकर टीम अन्ना की मांग को पूरा करने की कोशिश की है। हालांकि अन्ना सिटिजन्स चार्टर को पूरी तरह लोकपाल के दायरे में चाहते थे, लेकिन कैबिनेट ने इस बिल में एक बड़ा बदलाव किया है, जिसके तहत कोई भी पीड़ित व्यक्ति लोकपाल या लोकायुक्त के सामने अपील कर सकता है। इस बिल के मुताबिक हर सरकारी दफ्तर में एक सिटिजन चार्टर होगा, इसमें जिम्मेदारी तय की जाएगी और देरी के लिए जिम्मेदार कर्मचारी या अफसर को सजा भी दी जाएगी। शिकायत की सुनवाई 15 दिन में पूरी करनी होगी।
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सिटिजन चार्टर बिल, संसद, अन्ना हजारे