मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार का दावा, 'बिहार में कोई राजनीतिक संकट नहीं'

नीतीश सालों तक पुराने सचिवालय के दफ़्तर से ही कामकाज करते थे, लेकिन पिछले एक साल से अधिक समय से केबिनेट की बैठक भी अब उनके दफ़्तर संवाद से होती हैं.

मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार का दावा, 'बिहार में कोई राजनीतिक संकट नहीं'

नीतीश ने कहा, नए साल में पुराने सचिवालय के दफ़्तर में सप्ताह में कम से कम एक दिन ज़रूर बैठूंगा

खास बातें

  • सीएम ने सचिवालय में विभिन्‍न विभागों के काम की समीक्षा की
  • बोले, पुराने सचिवालय के ऑफिस में अब हफ्ते में कम से कम एक दिन बैठूंगा
  • कहा, जनता की सेवा में काम करना ही मेरे लिए महत्‍वपूर्ण
पटना :

'बिहार में कोई राजनीतिक संकट नहीं है' ये दावा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Bihar CM Nitish Kumar) ने किया है.नए साल के पहले दिन परंपरागत आम लोगों या मंत्रिमंडल के सहयोगियों राजनीतिक कार्यकर्ताओं से मिलने के बजाय सीएम नीतीश कुमार पूरे दिन सचिवालय में विभिन्न विभागों की समीक्षा कर रहे थे. उसके बाद उन्होंने पत्रकारों से बातचीत की. उन्होंने कहा कोई राजनीतिक संकट नहीं है लेकिन साथ ही साथ उन्होंने यह भी कहा, 'मैं अब नए साल में पुराने सचिवालय के अपने दफ़्तर में सप्ताह में कम से कम एक दिन ज़रूर बैठूंगा.' नीतीश ने कहा, 'पहले बराबर यहां आते आते थे लेकिन इधर कुछ साल से थोड़ा आना जाना कम हुआ है लेकिन अब मेरे मन में बात आ गई यहां बैठकरक काम करेंगे तो इसलिए हमने आज से ही शुरू कर दिया है.'

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नीतीश सालों तक पुराने सचिवालय के दफ़्तर से ही कामकाज करते थे, लेकिन पिछले एक साल से अधिक समय से केबिनेट की बैठक भी अब उनके दफ़्तर संवाद से होती हैं.जब नीतीश से इस वर्ष की चुनौतियों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'चुनौतियों के बारे में तो वो नहीं सोचते हैं लेकिन जनता की सेवा में जो काम करना है मेरे लिए वही महत्वपूर्ण है.' उन्‍होंने कहा कि आप जानते हैं कि पहले से जो काम कर रहे हैं, इसके अलावा हम लोगों ने इस बार कुछ काम तय किया है उन सबके क्रियान्‍वयन के लिए योजना बनानी हैं, उस पर काम किया जा रहा है. एक-एक चीज़ का सर्वेक्षण करके कहाँ किस तरीक़े से कौन सा काम तेज़ी से हो सकता है, उसके बारे में बातचीत करके और आप जानते हैं कि इस बार जो बजट आएगा उसमें कई चीज़ों के लिए प्रावधान किया जाएगा.

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सीएम का इशारा साफ़ था कि इस बार हर काम के ज़मीनी हक़ीक़त जानने के लिए वो खुद दौरा करेंगे ताकि इस काम को शुरू कर सकें. दूसरी बात यह है कि हर विषय को हमेशा देखते रहना पड़ता है बीच में कोई भी काम हो रहा है, कहां बाधा आ रही है और जो भी निर्णय लिया गया उसके क्रियान्वयन में कोई कठिनाई तो नहीं है, उसमें कहीं कोई दूसरा निर्णय लेना है या कोई नया निर्णय लेना है, इस पर बराबर समीक्षा करना भी ज़रूरी होता है और जब  आप किसी चीज़ को साइट पर जाकर देखेंगे और लोगों की बात को जानेंगे तो और बेहतर ढंग से इस बारे में जानकारी पा सकेंगे.


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