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कांग्रेस की नई ब्रिगेड : दिल्ली की कमान माकन को, महाराष्ट्र संभालेंगे अशोक चव्हाण

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कांग्रेस में नए प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति की गई हैं, इसमें गुजरात की कमान भरत सिंह सोलंकी, महाराष्ट्र में अशोक चव्हाण, मुबंई में संजय निरूपम, दिल्ली में अजय माकन, जम्मू कश्मीर में गुलाम मोहम्मद मीर और तेलंगाना में उत्तम कुमार रेड्डी को जिम्मेदारी दी गई है।

ये सारे अध्यक्ष अपेक्षाकृत युवा माने जाएंगे। सभी की उम्र 50 से 55 के बीच है। यानि इनमें राज्यों को चलाने का अच्छा अनुभव भी है। इनमें से अधिकतर के साथ विवाद भी जुड़ा है, लेकिन सभी जमीन से जुड़े हैं और इनका जनाधार भी हैं।

सबसे पहले बात करते हैं अशोक चव्हाण की। महाराष्ट्र से कांग्रेस के दो सांसद जीते उनमें से एक अशोक चव्हाण हैं। मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं और इनके पिता केन्द्र में गृहमंत्री भी रह चुके हैं। मगर आदर्श घोटाले में इनका नाम आया था। तब इनकी मुख्यमंत्री की कुर्सी चली गई थी। अदालत में यह मामला चल रहा है और उन पर मुकदमा न चलाया जाए कि याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया है। मगर कांग्रेस को एक मराठा की जरूरत थी इसलिए अशोक चव्हाण को चुना गया है।

मुंबई के कांग्रेस अध्यक्ष बनाए गए हैं संजय निरूपम। शिवसेना से कांग्रेस में आए पिछली बार सांसद भी थे। निरूपम सड़क पर राजनीति और अपने जुझारूपन के लिए जाने जाते हैं। पूर्वांचल मुद्दे पर राज ठाकरे को ललकारने में भी पीछे नहीं रहते और छठ पर जुहू पर भीड़-इकट्ठा करने की क्षमता भी रखते हैं। कांग्रेस ने निरूपम को मुंबई की कमान सौंप कर यह तय कर दिया है कि पार्टी अब यहां पर पूर्वांचल कार्ड खेलने से नहीं हिचकेगी। वैसे यहां गुरुदास कामत के नाम की भी चर्चा थी।

जम्मू-कश्मीर में गुलाम मोहम्मद मीर को बनाया गया है। मीर 2008 तक विधायक थे इस बार हार गए हैं। दक्षिण कश्मीर से आते हैं। सोनिया और राहुल की रैलियों में भीड़ इकट्ठा करने में काफी सफल रहे हैं। मगर एक वक्त में इनका नाम एक सेक्स स्कैंडल में आ गया, तब इन्हें मंत्री पद छोड़ना पड़ा था। मगर अब यह मामला खत्म हो गया है। अदालत ने इन्हें बरी किया है और मुकदमा भी बंद कर दिया गया है।

तेलंगाना की कमान उत्तम कुमार रेड्डी को दी गई है। रेड्डी भारतीय वायु सेना में फाईटर पॉयलट रह चुके हैं। 53 साल की उम्र है। तेलंगाना के नालगोंडा जिले से आते हैं। पिछले फरवरी को इन्हें कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था। मतलब साफ है कांग्रेस ने एक बार फिर रेड्डी जैसी मजबूत जाति पर दांव खेला हैं। मगर इनका एक किस्सा रोचक है। पिछले चुनाव में इनकी एक गाड़ी के बोनट में से धुंआ निकलने लगा जब गाड़ी का बोनट खोला गया तो उसमें नोटों की गड्डियां भरी थी जिसमें आग लग गई थी। हांलाकि रेड्डी उस वक्त गाड़ी में नहीं थे। उत्तम कुमार रेड्डी की पत्नी भी नेता हैं।

दिल्ली के अजय माकन और गुजरात के भरत सिंह सोलंकी के पीछे कोई विवाद नहीं है, मगर कांग्रेस ने यह तय कर लिया है कि दिल्ली में नेताओं में कौन बड़ा है, की बहस बंद हो जानी चाहिए। शीला दीक्षित के बाद अब दिल्ली माकन के हवाले है और उनके पास अनुभव है। केंद्र में मंत्री रहते उन्होंने अच्छा काम किया है।

माकन को राहुल गांधी के साथ काम करने का अच्छा अनुभव है। गुजरात में मोडवाडिया के मुकाबले भरत सोलंकी कम उम्र के हैं। कई बार सांसद रहे है, कंद्र में राज्यमंत्री भी रहे, यानि सारी नियुक्तियों को देखकर लगता है कि यह सब राहुल की पसंद हैं। राहुल छुट्टी पर हैं। इसकी अब चर्चा नहीं हो रही है। मगर ऐसा लग रहा है जहां भी राहुल आत्म चिंतन कर रहे हैं, कांग्रेस में काम चालू है और अप्रैल में अध्यक्ष बनने के पहले वो अपनी टीम खास कर राज्यों में तैयार कर लेना चाहते हैं।

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