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कांग्रेस ने कुलकर्णी के चेहरे पर कालिख पोते जाने की निंदा की, शिवसेना को 'देसी तालिबान' बताया

कांग्रेस ने कुलकर्णी के चेहरे पर कालिख पोते जाने की निंदा की, शिवसेना को 'देसी तालिबान' बताया

शिवसेना कार्यकर्ताओं ने सुधींद्र कुलकर्णी के चेहरे पर कालिख पोत दी थी

नई दिल्ली:

शिवसेना को 'देसी तालिबान' करार देते हुए कांग्रेस ने सुधींद्र कुलकर्णी के चेहरे पर कालिख पोते जाने की निंदा की और पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी की पुस्तक के विमोचन समारोह के आयोजन की हिमायत की।

कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने ट्विटर पर कहा, 'कसूरी की पुस्तक का विमोचन कार्यक्रम आयोजित होना चाहिए और सभी उदारवादियों को, जो इस तरह की गुंडागर्दी के खिलाफ हैं, पुस्तक विमोचन कार्यक्रम के समर्थन में आगे आना चाहिए।'

उन्होंने कहा, 'भारत में इस तरह की असहिष्णुता बर्दाश्त नहीं की जा सकती। पहले गुलाम अली का समारोह और अब कसूरी की पुस्तक का विमोचन (का विरोध), हम भारत में देसी तालिबान नहीं चाहते।'  दिग्विजय  ने शिव सैनिकों द्वारा सुधींद्र कुलकर्णी पर हमले की कड़ी निंदा की और कहा कि उद्भव ठाकरे को अपने 'गुंडों' को नियंत्रित करना चाहिए।

कांग्रेस ब्रीफिंग में पार्टी प्रवक्ता टॉम वडक्कन ने कहा कि यह आश्चर्य की बात है कि बीजेपी नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने जहां कसूरी की भारत यात्रा को स्वीकृति दी, वहीं उसका सहयोगी दल उनका रास्ता रोक रहा है।

शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने कुलकर्णी के चेहरे पर काले रंग का पेंट लगा दिया था। कुलकर्णी थिंकटैंक ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन के अध्यक्ष हैं और उन्हें पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी की पुस्तक का विमोचन समारोह मुंबई में आयोजित करने के लिए निशाना बनाया गया।