कांग्रेस की मांग, गोवा-मणिपुर और मेघालय में भी लागू हो 'कर्नाटक मॉडल'

कर्नाटक में सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने का मौका मिलता है तो फिर गोवा, बिहार, मणिपुर और मेघालय में सरकारें इस्तीफा दें : कांग्रेस

कांग्रेस की मांग, गोवा-मणिपुर और मेघालय में भी लागू हो 'कर्नाटक मॉडल'

सोनिया और राहुल गांधी की फाइल फोटो

खास बातें

  • कर्नाटक मॉडल को लागू करने की मांग
  • गोवा कांग्रेस के नेता मिलेंगे राज्यपाल से
  • कांग्रेस ने कहा देश में एक जैसे ही लागू हो नियम
नई दिल्ली:

कर्नाटक में राज्यपाल द्वारा राज्य की सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने का न्यौता देने के बाद अब कांग्रेस ने गोवा, मणिपुर और मेघालय में भी राज्यपास से ऐसा ही करने की मांग की है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने गुरुवार को कहा कि राज्यपाल ने जिस मॉडल के तहत कर्नाटक में बीजेपी को सरकार बनाने का मौका दिया है, ठीक उसी मॉडल के आधार पर गोवा, मणिपुर और मेघालय के राज्यपाल को भी वहां की सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने का मौका दिया जाना चाहिए.

गौरतलब है कि इन राज्यों में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी है. उधर, कर्नाटक के उदाहरण को देखते हुए गोवा कांग्रेस ने गुरुवार को फैसला किया कि राज्य में वह सरकार बनाने का दावा पेश करेगी. पिछले साल हुए विधान सभा चुनाव में गोवा में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी.  

कर्नाटक में राज्यपाल के फैसले ने देशव्यापी बहस छेड़ दी है. बिहार से लेकर गोवा तक नेता कह रहे हैं कि इसी पैमाने पर उनके राज्यों में फैसला हो और सबसे बड़े दल को विश्वास मत हासिल करने का मौक़ा दिया जाए. कांग्रेस अब इसे चार राज्यों में एक बड़ी मुहिम में बदलने की तैयारी में है.

गुरुवार को कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, "येदियुरप्पा बस एक दिन के सीएम हैं...वे एक लेम डक मुख्यमंत्री हैं. अगर कर्नाटक में सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने का मौका मिलता है तो फिर गोवा, बिहार, मणिपुर और मेघालय में सरकारों को इस्तीफा दे देना चाहिए और सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने का वहां मौका मिलना चाहिए."
 
कांग्रेस कह रही है कि जो कर्नाटक में सरकार बनाने का पैमाना बना, उसे दूसरे राज्यों में भी लागू किया जाए. शुक्रवार को वो लोकतंत्र बचाओ दिवस मनाने जा रही है.

अब कर्नाटक की लड़ाई को कांग्रेस सबसे पहले गोवा ले जा रही है. पिछले साल सबसे बड़ा दल होने के बावजूद विपक्ष में बैठने को मजबूर कांग्रेस ने अब वहां फिर से सरकार बनाने का दावा पेश करने का फ़ैसला किया है. गोवा कांग्रेस के प्रवक्ता यतिन नायक ने कहा, "गोवा कांग्रेस ये मांग करती है कि गवर्नर मौजूदा सरकार को बर्खास्त करें और हमें अपना बहुमत साबित करने का मौका दें. हम सात दिन में अपना बहुमत साबित करने के लिए तैयार हैं."

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गोवा में कांग्रेस विधायक दल के नेता चंद्रकांत कावलेकर ने कहा कि पार्टी शुक्रवार को सभी 16 विधायकों के हस्ताक्षर वाला एक औपचारिक पत्र राज्यपाल मृदुला सिन्हा को देकर सरकार बनाने का दावा पेश करेगी. ध्यान हो कि गोवा में पिछले साल मार्च में 40 सदस्यीय विधानसभा के लिए हुए चुनाव में कांग्रेस 17 सीटें जीती थी. हालांकि पार्टी के पास बहुमत से चार सीटें कम थीं. वहीं गोवा में बीजेपी को 14 सीटें मिली थीं.

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इसके बाद भी राज्यपाल ने बीजेपी को सरकार बनाने का न्यौता दिया और बीजेपी ने गोवा फॉरवर्ड पार्टी और एमजीपी के साथ मिलकर सरकार बना ली. इन दोनों दलों को तीन - तीन सीट मिली थीं. उस दौरान तीन निर्दलीय भी भाजपा के पाले में चले गए थे.

उधर आरजेडी याद दिला रही है कि अगर यही पैमाना है तो बिहार में जेडीयू-बीजेपी की नहीं, आरजेडी की सरकार होनी चाहिए. आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि वो शुक्रवार को गवर्नर से मिलकर अपना दावा पेश करेंगे.

कर्नाटक को लेकर उठे घमासान के बीच अब सबकी नज़र सुप्रीम कोर्ट पर हैं जहां शुक्रवार सुबह कर्नाटक में बीजेपी के बहुमत के दावे की जांच होनी है.

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VIDEO: येदियुरप्पा को ताज से कांग्रेस हुई नाराज.

कावलेकर ने कहा कि गोवा की राज्यपाल को कर्नाटक के अपने समकक्ष द्वारा स्थापित उदाहरण का अनुसरण करना चाहिए और अपनी गलती को सुधारते हुए सरकार गठन के लिए सबसे बड़ी पार्टी जो कांग्रेस है को आमंत्रित करना चाहिए. (इनपुट भाषा से)