कांग्रेस ने भारत-चीन को लेकर 2013 में किये मोदी के Tweet की दिलाई याद, 'तंज कसते हुए पूछे ये सवाल...'

लद्दाख में चीनी सेना के साथ जारी गतिरोध को लेकर हमलावर कांग्रेस ने एक बार फिर मोदी सरकार पर निशाना साधा है. कांग्रेस ने अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक पुराने ट्वीट का हवाला देते हुए उन पर हमला बोला.

कांग्रेस ने भारत-चीन को लेकर 2013 में किये मोदी के Tweet की दिलाई याद, 'तंज कसते हुए पूछे ये सवाल...'

कांग्रेस का प्रधानमंत्री मोदी पर हमला. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

लद्दाख में चीनी सेना के साथ जारी गतिरोध को लेकर हमलावर कांग्रेस ने एक बार फिर मोदी सरकार पर निशाना साधा है. कांग्रेस ने अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक पुराने ट्वीट का हवाला देते हुए उन पर हमला बोला. कांग्रेस ने कहा कि चीन के साथ सीमा पर पूर्व की यथास्थिति बहाल होनी चाहिए. बता दें कि सीमा पर तनाव कम होने के पहले संकेत के रूप में चीनी सेना ने पूर्वी लद्दाख में कुछ इलाकों से अपनी सीमित वापसी शुरू कर दी है. इससे पहले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने टेलीफोन पर बात की जिसमें वे एलएसी से सैनिकों के 'तेजी से' पीछे हटने की प्रक्रिया को पूरा करने पर सहमत हुए.

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कुछ पूर्व राजनयिकों और पूर्व सैन्य अधिकारियों के बयानों से जुड़ी खबर का हवाला देते हुए ट्वीट किया, 'प्रधानमंत्री जी, चीन के साथ पूर्व की यथास्थिति की बहाली सुनिश्चित करना ही एकमात्र राष्ट्रीय हित है. कृपया इन्हें सुनिए.'

उन्होंने गुजरात का मुख्यमंत्री रहते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए एक ट्वीट को रिट्वीट करते हुए कहा, 'प्रधानमंत्री जी, क्या आपके शब्द याद हैं? क्या आपके शब्दों के कोई मायने हैं? क्या बताएंगे की अब हमारी सेना हमारी सरज़मीं से क्यों पीछे हट रही हैं? देश जबाब मांगता है.'

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मोदी ने 13 मई, 2013 को किए ट्वीट में कथित तौर पर कहा था कि 'चीन अपने सैनिकों को पीछे हटा रहा है, लेकिन मुझे हैरानी होती है कि भारतीय सैनिक भारत की सीमा से ही पीछे क्यों हट रहे हैं? हम पीछे क्यों हटे हैं?'

इससे पहले राहुल गांधी ने लद्दाख में चीन के पीछे हटने और चीनी पक्ष से राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल से बातचीत को लेकर कुछ सवाल उठाए थे. मंगलवार को उन्होंने एक ट्वीट करते हुए चीनी भूमिका पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि बातचीत में दोनों देशों के बीच भारत की ओर से यथास्थिति को कायम रखने पर जोर क्यों नहीं दिया गया? 



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)