PM से लेकर CJI तक की चीनी जासूसी की खबर पर कांग्रेस के सवाल- क्या सरकार को पहले से पता था?

एक मीडिया रिपोर्ट में छपी खबर में कहा गया है कि चीन एक बड़ी डेटा कंपनी के जरिए भारत में हर बड़े नेता से लेकर टेक कंपनियों, पत्रकारों यहां तक कि कुछ बड़े अपराधियों पर भी नजर रख रहा है.

PM से लेकर CJI तक की चीनी जासूसी की खबर पर कांग्रेस के सवाल- क्या सरकार को पहले से पता था?

भारत में चीन की जासूसी को लेकर रणदीप सुरजेवाला ने उठाए सवाल. (फाइल फोटो)

खास बातें

  • चीन की ओर से की जा रही है भारत में जासूसी
  • चीनी डेटा फर्म के जुड़े हैं चीनी सरकार से तार
  • लिस्ट में बड़े-बड़े भारतीयों के नाम शामिल
नई दिल्ली:

चीन (China) की ओर से भारत में हजारों शख्सियतों की जासूसी (chinese digital surveillance) को लेकर छपी एक मीडिया रिपोर्ट के बाद मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस (Congress) ने इसपर चिंता जताई है. एक मीडिया रिपोर्ट में छपी खबर में कहा गया है कि चीन एक बड़ी डेटा कंपनी के जरिए भारत में हर बड़े नेता से लेकर टेक कंपनियों, पत्रकारों यहां तक कि कुछ बड़े अपराधियों पर भी नजर रख रहा है. कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने सोमवार को एक ट्वीट कर कहा कि 'हम इसकी स्पष्ट तरीके से निंदा करते हैं.' उन्होंने यह भी सवाल उठाया है कि क्या चीन ने इसके जरिए कभी सरकार की नीतियों को प्रभावित करने की कोशिश की है?

सुरजेवाला ने अपने ट्वीट में लिखा, 'भारत के नेताओं और दूसरे लोगों की चीन की ओर डिजिटल सर्विलांस कराने की खबर बहुत चिंताजनक है. हम इसकी साफ तौर पर निंदा करते हैं. क्या चीन ने इस दो साल पुरानी कंपनी के जरिए कभी सरकार की नीतियों को प्रभावित करने की कोशिश की है? क्या सरकार इस बारे में जांच करेगी और इसे लेकर देश को भरोसा दिलाएगी?'

उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार को इसके बारे में पहले से पता था? 'अगर यह सही है तो- क्या मोदी सरकार को इस गंभीर मामले का पहले पता था? या भारत सरकार को पता ही नहीं चला कि हमारी मुखबिरी हो रही है? भारत सरकार देश के सामरिक हितों की सुरक्षा करने में बार-बार फेल क्यों हो रही है? चीन को अपनी हरकतों से बाज़ आने का स्पष्ट संदेश देना चाहिए.'

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बता दें कि इस रिपोर्ट में कहा गया है कि Zenhua Data Information Technology Co. Limited नाम की एक डेटा कंपनी Overseas Key Information Database (OKIDB) नाम से एक लॉग फाइल है, जिसमें कई भारतीय नेताओं, बड़ी टेक कंपनियों और कई दूसरे नाम हैं, जिनकी जासूसी की जा रही है. इसमें राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एस ए बोबडे, सीडीएस बिपिन रावत, मनमोहन सिंह, सोनिया गांधी और जेपी नड्डा जैसे लोग शामिल हैं. इसके अलावा देश के कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों सहित कई कैबिनेट मंत्री भी इस लिस्ट में शामिल हैं. टेक स्टार्टअप Bharat Pe और AuthBridge के मालिकों से लेकर रतन टाटा और गौतम अडाणी जैसे बड़े बिजनेसमैन भी इस लिस्ट में शामिल हैं.

'फॉरेन टारगेट्स' के इस डेटाबेस में 10,000 से ज्यादा भारतीयों की रियल टाइम में जासूसी हो रही है. 'चीनी राष्ट्र में नई जान फूंकने' और 'हाइब्रिड वॉरफेयर' में खुद को अग्रणी बताने वाली शेन्ज़ेन शहर की इस कंपनी के चीनी सरकार से लिंक जुड़े पाए गए हैं.

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