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2019 में पीएम मोदी को सत्ता से हटाने की कोशिश कर रही कांग्रेस फंसी बड़े संकट में : रिपोर्ट

मार्च 2017 में खत्म हुए वित्तीय साल तक बीजेपी ने जितना फंड इकट्ठा किया था कांग्रेस उसका एक चौथाई ही जुटा पाई है.

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2019 में पीएम मोदी को सत्ता से हटाने की कोशिश कर रही कांग्रेस फंसी बड़े संकट में : रिपोर्ट

लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस वित्तीय संकट से जूझ रही है

खास बातें

  1. कांग्रेस फंसी वित्तीय संकट में
  2. क्षेत्रीय कार्यालयों को नहीं भेजा गया पैसा
  3. कांग्रेस के पास अब चंदे का सहारा
नई दिल्ली:

2019 के लोकसभा में चुनाव बीजेपी को हराने के लिये पूरी कोशिश कर रही है  कांग्रेस  अब नये संकट में घिरती नजर आ रही है. पिछले पांच महीने से केंद्रीय नेतृत्व की ओर से पार्टी के क्षेत्रीय कार्यालयों को चलाने के लिये एक भी पैसा नहीं भेजा गया है. ऐसा लग रहा है कि कांग्रेस इस समय बुरे वित्तीय संकट से गुजर रहा है. नाम न बताने की शर्त पर पार्टी के एक अधिकारी ने बताय है कि कांग्रेस की ओर से खर्चों को कम करने और मदद के लिए आगे आने की अपील की गई है. मिली जानकारी के मुताबिक राहुल गांधी की अगुवाई में चल रही कांग्रेस के पास उद्योगपतियों की ओर से मदद तो आ रही है लेकिन वह काफी कम हो गई है. नगदी की समस्या से जूझ रही पार्टी को प्रत्याशियों की मदद के लिये अब जनता के चंदे के पैसा का सहारा लेना पड़ सकता है.​

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 कांग्रेस की सोशल मीडिया हेड दिव्या स्पंदना ने भी इस बात को माना है कि पार्टी के पास पैसे नही हैं. उन्होंने बताया कि बीजेपी की तुलना में कांग्रेस को चुनावी बांड से ज्यादा पैसा नहीं आ रहा है. पार्टी को पैसा जुटाने के लिए अब ऑनलाइन फंडिंग का सहारा लेना पड़ सकता है.

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वहीं इस मामले में कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया है. दक्षिण एशियाई मामलों के विशेषज्ञ मिलन वैष्णव का कहना है कि बड़े बिजनेस घराने अब कांग्रेस से बीजेपी की ओर पलायन कर गए हैं. उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव 2019 को देखते हुए बीजेपी को पैसा जुटाने में निर्णायक फायदा हुआ है. इसकी वजह यह यह है क्योंकि कांग्रेस और दूसरी क्षेत्रीय पार्टियों को व्यापार जगत में उनको ज्यादा 'दोस्त' के तौर पर नहीं देखा जाता है.  मार्च 2017 में खत्म हुए वित्तीय साल तक बीजेपी ने जितना फंड इकट्ठा किया था कांग्रेस उसका एक चौथाई ही जुटा पाई है. चुनाव में खर्चे बढ़ते जा रहे हैं और 2019 को देखते हुये सोशल मीडिया की भूमिका से कोई इनकार नहीं कर सकता है ऐसे में अब कांग्रेस बदली हुई परिस्थिति में कितना प्रबंधन करती है ये देखने वाली बात होगी.   



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