देश में लॉकडाउन की घोषणा के बाद कांग्रेस का आया Reaction, PM मोदी से पूछे इन सवालों के जवाब... 

पीएम मोदी द्वारा लॉकडाउन की घोषणा के बाद कांग्रेस का रिएक्शन आया है. कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया, 'आदरणीय मोदी जी, देश तो लॉकडाउन का हर आग्रह मानेगा. पर आपने करोना की महामारी को रोकने के लिए क्या किया?

देश में लॉकडाउन की घोषणा के बाद कांग्रेस का आया Reaction, PM मोदी से पूछे इन सवालों के जवाब... 

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला.

कोरोनावायरस को लेकर पूरे देश में लॉकडाउन की घोषणा पीएम मोदी ने अपने संबोधन के दौरान की. उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान घरों से बाहर निकलने पर पूरी तरह पाबंदी लगी रहेगी. पीएम मोदी ने देश को संबोधित करते हुए कहा कि जनता ने कर्फ्यू को सफल बनाया है. ऐसा नहीं है कि जो देश प्रभावित हैं वह प्रयास नहीं कर रहे हैं और न ऐसा है कि वहां संसाधनों की कमी है. इन देशों को दो महीने के अध्ययन से यही निष्कर्ष निकल रहा है कि एक मात्र ही रास्ता है सोशल डिस्टेंसिंग यानी अपने घरों में बंद रहना इसके अलावा कोई और रास्ता नहीं है.

पीएम मोदी द्वारा लॉकडाउन की घोषणा के बाद कांग्रेस का रिएक्शन आया है. कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया, 'आदरणीय मोदी जी, देश तो लॉकडाउन का हर आग्रह मानेगा. पर आपने करोना की महामारी को रोकने के लिए क्या किया? स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा कैसे होगी? करोना से पैदा हुए रोज़ी रोटी के महासंकट का क्या हल किया? ग़रीब, मज़दूर, किसान, दुकानदार, दिहाड़ीदार के 21 दिन कैसे कटेंगे?

सुरजेवाला ने आगे लिखा, 'करोना से लड़ने के लिए डॉक्टर-नर्स-स्वास्थ्य कर्मियों को लैस करना ज़रूरी है पर उनके लिए एन-95 मास्क, 3 प्लाई मास्क, हैज़्मैट सूट उपलब्ध क्यों नहीं? देश को मार्च में ही 7.25 लाख बॉडी सूट, 60 लाख एन-95 मास्क, 1 करोड़ 3 प्लाई मास्क की ज़रूरत है. ये कब मिलेंगे? दुर्भाग्यपूर्ण लेकिन सत्य! करोना के फैलाव के 84 दिन बाद आपकी सरकार ने आज 24 मार्च को वेंटिलेटर, सांस लेने के उपकरणों व हैंड सैनिटाइजर के निर्यात पर रोक लगाई है. करोना संक्रमण से लड़ने के लिए यही आपकी तैयारी है? अब जागे तो क्या जागे!

उन्होंने कहा, 'आपने करोना से लड़ने के लिए 50 मिनट के दो भाषण दिए. देश स्तब्ध है की करोड़ों फ़ैक्टरी व खेत मज़दूरों, दिहाड़ीदारों, मनरेगा श्रमिकों, रेहड़ी-ठेलावालों, असंगठित क्षेत्र के कामगारों की रोज़ी रोटी के लिए एक शब्द नहीं कहा. 21 दिन ये अपने परिवारों का पेट कैसे पालेंगे?