विलफुल डिफॉल्टर मामले पर कांग्रेस ने किया केंद्र सरकार का घेराव, कहा- यह मोदी सरकार की 'जन-धन-गबन योजना' है

विलफुल डिफॉल्टर्स में मेहुल चौकसी का नाम आरटीआई के जरिए सामने आने पर कांग्रेस ने मोदी सरकार के खिलाफ घेराबंदी तेज कर दी है.

विलफुल डिफॉल्टर मामले पर कांग्रेस ने किया केंद्र सरकार का घेराव, कहा- यह मोदी सरकार की 'जन-धन-गबन योजना' है

कांग्रेस ने मोदी सरकार का जमकर घेराव किया

नई दिल्ली:

विलफुल डिफॉल्टर्स में मेहुल चौकसी का नाम आरटीआई के जरिए सामने आने पर कांग्रेस ने मोदी सरकार के खिलाफ घेराबंदी तेज कर दी है. आरटीआई के तथ्यों को लेकर कांग्रेस ने डिजिटल प्रेस कांफ्रेंस कर मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला. कांग्रेस ने कहा कि भगोड़ों का साथ और भगोड़ों का लोन माफ़, BJP का मूल मंत्र बन गया है. कांग्रेस ने कहा कि  
16 मार्च 2020 को राहुल गांधी ने संसद में देश के सबसे बड़े पचास बैंक घोटालेबाजों के नाम पूछे थे लेकिन सरकार ने चुप्पी साध ली और नाम ज़ाहिर नहीं किए लेकिन 24 अप्रैल को RTI के जरिए पूरे मामले का खुलासा हो गया. बता दें कि एक आरटीआई में आरबीआई ने स्वीकार किया है कि उसने 50 विलफुल डिफॉल्टर्स के 68,607 करोड़ की बड़ी रकम बट्टा खाते में डाल दी है. हैरान करने वाली बात ये है कि इस विलफुल डिफॉल्टर्स की लिस्ट में भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी का नाम भी शामिल है. 

कांग्रेस ने इस आरटीआई का हवाला देते हुए केंद्रीय कर्मचारियों के डीए कटौती का भी मामला उठाया. कांग्रेस ने कहा कि कोरोना से हर किसी का नुकसान हो रहा है. केंद्रीय कर्मचारियों ने 37 हजार करोड़ रुपये का DA घटा दिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ सरकार प्राइवेट कंपनियों से हजारों करोड़ रुपये कोरोना से लड़ने के नाम पर ले रही है. दूसरी तरफ बैंक डिफॉल्टर्स के 68,607 करोड़ माफ कर रही है. उन्होंने इसे मोदी सरकार की जन धन गबन योजना करार दिया. उन्होंने कहा कि ऐसा संभव नहीं कि प्रधानमंत्री की जानकारी के बगैर इतनी बड़ी राशि कर्ज माफ किया गया. 

गौरतलब है कि संसद के बजट सत्र के दौरान राहुल गांधी ने कर्ज अदा नहीं करने वाले 50 सबसे बड़े चूककर्ताओं के नाम पूछे थे. इस पर सरकार ने कहा था कि केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) की वेबसाइट पर सारे नामों को दिया जाता है और ये नाम वेबसाइट पर उपलब्ध हैं. 

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