ललकारीं सोनिया, मनमोहन ने गिनाईं उपलब्धियां, राहुल का रहा युवाओं पर जोर

खास बातें

  • 'कांग्रेस का हाथ, आम आदमी के साथ'... यह कांग्रेस का चुनावी नारा था लेकिन हाल के दिनों में उसके नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की ओर से लिए गए नीतिगत फैसलों और भ्रष्टाचार के खुलासों ने उसे आम आदमी से दूर कर दिया है।
नई दिल्ली:

'कांग्रेस का हाथ, आम आदमी के साथ'... यह कांग्रेस का चुनावी नारा था लेकिन हाल के दिनों में उसके नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की ओर से लिए गए नीतिगत फैसलों और भ्रष्टाचार के खुलासों ने उसे आम आदमी से दूर कर दिया है। ऐसे संकेतों से चिंतित कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने रविवार को रामलीला मैदान से देश को अपना संदेश दिया कि उसकी नीतियां देशहित में है और भ्रष्टाचार को समूल नष्ट करने को वह प्रतिबद्ध है।

नीतिगत फैसलों पर सरकार का पक्ष प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने रखा। उन्होंने जहां सरकार की उपलब्धियों का बखान किया वहीं कुछ कड़े फैसलों के पीछे की मजबूरियां भी गिनाईं। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने विपक्ष को ललकारा, साथ ही उन्होंने सरकार के फैसलों का बचाव भी किया। इस मौके पर उसके युवा महासचिव राहुल गांधी ने युवाओं को झकझोरने का प्रयास किया और कांग्रेस पार्टी के दरवाजे युवाओं के लिए खोलने पर जोर डाला।

विरोध करने वाले एक दिन गलत साबित होंगे : प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि खुदरा कारोबार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) सहित संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के आर्थिक सुधारों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लाभ 'आम आदमी' तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि उनके विरोधी अफवाहें फैलाकर लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "हमारे फैसलों का विरोध करने वाले एक दिन गलत साबित होंगे।" उन्होंने कहा कि सरकार ने भारी विरोध का सामना करते हुए भी बहु-ब्रांड खुदरा कारोबार में एफडीआई की अनुमति देने का फैसला लेकर अर्थव्यवस्था में तेजी से सुधार लाने की दिशा में कदम उठाया है। इससे देश की प्रगति और अधिक धन अर्जित करने में मदद मिल मिलेगी ताकि गरीब लोगों के लिए कल्याण योजनाएं शुरू की जा सकें।

मनमोहन सिंह ने कहा कि उनकी सरकार ने उन इलाकों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का फैसला लिया है, जहां इसकी कमी है और अगले दो वर्षो में 17,000 किलोमीटर सड़कें बनवाई जाएंगी तथा ऊर्जा क्षेत्र का बड़े पैमाने पर विकास भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आर्थिक सुधारों की शुरुआत करना पर्याप्त नहीं है, "इसका लाभ सभी कमजोर तबकों और अल्पसंख्यकों तक पहुंचाना होगा।"

बहु-ब्रांड खुदरा कारोबार में एफडीआई की अनुमति देने के अपनी सरकार के फैसले को सही ठहराते हुए मनमोहन सिंह ने कहा कि एफडीआई किसानों की मदद करेगा। वे बेहतर उत्पादन कर पाएंगे और इस कदम से रोजगार के अधिक अवसर पैदा करने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि छोटे व्यापारियों का कोई नुकसान नहीं होगा। यह कहना गलत है कि "एफडीआई से छोटे व्यापारियों का नुकसान होगा। यह कहकर लोगों को गुमराह किया जा रहा है।" उन्होंने कहा कि अन्य देशों का अनुभव बताता है कि छोटे व्यापारी इससे प्रभावित नहीं हुए।

प्रधानमंत्री ने कहा, "भारत जैसे बड़े देश में बड़े ब्रांड और छोटे व्यापारी, दोनों सफल हो सकते हैं।"

डीजल के दाम बढ़ाने के फैसले पर भी सरकार की काफी आलोचना हुई है। इस संदर्भ में प्रधानमंत्री ने कहा कि सब्सिडी देने की सरकार की क्षमता जब चेतावनी स्तर पर जा पहुंची तब यह फैसला लेने के लिए बाध्य होना पड़ा। ऐसा नहीं करने पर इसका बुरा प्रभाव देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता। उन्होंने कहा कि मूल्यवृद्धि के फैसलों में केरोसिन को नहीं छुआ गया है।

हमारा दिल, दामन और नीयत साफ : सोनिया

कांग्रेस अध्यक्ष सरकार व उसके मंत्रियों के खिलाफ लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों को चुनौती दी। उन्होंने कहा, "हमें पूरे आत्म विश्वास के साथ अपने विरोधियों के षडयंत्रों का जवाब देना है। कांग्रेस का दिल साफ है, कांग्रेस का दामन साफ है और कांग्रेस की नीयत साफ है। कांग्रेस को किसी से आंखे चुराने की जरूरत नहीं है।"

सोनिया ने कहा, "विपक्ष, सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार के कई आरोप लगा रहा है। इन आरोपों में सच-और झूठ को अच्छी तरह समझने की जरूरत है।" उन्होंने स्वीकार किया, "मैं मानती हूं कि भ्रष्टाचार एक कैंसर है.. एक बीमारी है। लेकिन हमने इसके पहले इस बीमारी से लड़ाई लड़ी है और अपनी पूरी ताकत के साथ इस लड़ाई को आगे भी जारी रखेंगे।"

सोनिया ने कहा, "हम अपने खिलाफ लगे भ्रष्टाचार के सभी आरोपों से लड़ेंगे और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।"

सोनिया ने परोक्षरूप से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष नितिन गडकरी पर हमला बोलते हुए कहा, "जो लोग भ्रष्टाचार की बात कर रहे हैं वे खुद भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं।"

सोनिया ने कहा, "वे खुद भ्रष्टाचार के आरोपों में फंसे हुए हैं। इसी कारण वे झूठे आरोप लगा रहे हैं। वे हमें भ्रष्टाचार पर भाषण देते हैं, लेकिन वे खुद भ्रष्ट हैं। जो दूसरों के लिए गड्ढा खोदता है, उनके लिए कुंआ तैयार रहता है।"

सोनिया ने विपक्ष पर लोकतांत्रिक संस्थाओं और देश की बुनियाद को कमजोर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने प्रमुख विधेयकों को पारित नहीं होने दिया और संसद में मुद्दों पर चर्चा नहीं होने दी। सोनिया ने कहा कि कांग्रेस उन्हें उनकी कोशिश में कामयाब नहीं होने देगी। उन्होंने कहा, "कांग्रेस एक ऐसी पार्टी है, जिसने हमेशा देश हित की रक्षा की है।"

सोनिया ने कहा, "विपक्ष ने लोक कल्याण के कदमों को रोका, संसद में भ्रष्टाचार पर बहस नहीं होने दी, क्योंकि वे खुद आकंठ इसमें डूबे हुए हैं। विपक्ष ने बार-बार संसद में व्यवधान पैदा किया। वे बहस से भाग गए।"

सोनिया ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस आम आदमी, कमजोर वर्गो, गरीबों और किसानों की पार्टी है। देश की कोई भी पार्टी धर्मनिरपेक्षता के मामले में इसका मुकाबला नहीं कर सकती।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, "मतदाताओं ने 2004 और 2009 में कांग्रेस में भरोसा जताया। कुछ पार्टियों को यह बात आज तक हजम नहीं हो पाई है। आगामी चुनावों में हम फिर अच्छा प्रदर्शन करेंगे।"

सोनिया ने कहा कि मनमोहन सिंह के नेतृत्व में देश और इस सरकार ने अच्छा काम किया है। उन्होंने कहा, "मुझे पता है कि महंगाई से आम आदमी परेशान है। लेकिन समस्या यह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें चार गुना बढ़ गई हैं और हमें अपनी जरूरतों का 80 प्रतिशत तेल आयात करना पड़ता है।"

सोनिया ने कहा, "हमने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत अनाज की कीमतें नहीं बढ़ाई है और हम खाद्य सुरक्षा की गारंटी के लिए एक विधेयक लाने की योजना बना रहे हैं।"

युवाओं के लिए खोलने होंगे राजनीति के बंद दरवाजे : राहुल

राहुल ने इस मौके पर युवाओं को झकझोरने की कोशिश के तहत उनसे राजनीति में आने और तंत्र का बदलने का आह्वान किया। उन्होंने एफडीआई जैसे मुद्दों पर सरकार का बचाव किया और कहा कि आने वाले दिनों में सरकार खाद्य सुरक्षा का विधेयक लेकर आएगी ताकि आधी रोटी खाने वालों को भरपेट भोजन मिल सके।

राहुल गांधी ने विपक्षी दलों पर इससे पहले के संसद सत्र में लोकपाल विधेयक पारित होने में अड़चन डालने का आरोप लगाते हुए रविवार को वादा किया कि उनकी पार्टी जल्द ही इसे संसद से पारित करवाएगी।

राहुल ने कहा, "हम जल्द ही संसद में लोकपाल विधेयक पारित करवा लेंगे। इंतजार कीजिये और देखिये।" उन्होंने कहा, "इससे पहले के संसद सत्र में विपक्षी दलों ने लोकपाल विधेयक पारित नहीं होने दिया। लेकिन हम इसे फिर संसद में लाएंगे।"

देश में भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम का जिक्र करते हुए कांग्रेस महासचिव ने यह भी कहा कि संप्रग की सरकार ही वर्ष 2005 में सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून लेकर आई, जिससे लोगों को सरकार से कोई भी सूचना प्राप्त करने का हक मिला।

खुदरा क्षेत्र में एफडीआई के मुद्दे पर विपक्षी दलों को आड़े हाथों लेते हुए राहुल ने कहा कि वे किसानों को गुमराह कर रहे हैं, जबकि संप्रग सरकार की इस नीति से किसानों को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि सरकार की एफडीआई नीति से किसानों को शीत भंडारण सुविधाओं के साथ-साथ खाद्य प्रसंस्करण केंद्र भी उपलब्ध होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2004 में सत्ता में आने के बाद से ही संप्रग की सरकार आम लोगों का जीवन स्तर उठाने के लिए काम कर रही है। इसके लिए सरकार ने ग्रामीण रोजगार गारंटी सहित किसानों का ऋण माफ करने जैसे कई कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि संप्रग की सरकार भविष्य में भी खाद्य सुरक्षा तथा भूमि अधिग्रहण पर कानून बनाकर आम आदमी के लिए काम करेगी।

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राहुल ने कहा, "हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि गरीब आदमी भूखे पेट न सोए। हम यह भी सुनिश्चित करना चाहते हैं कि गरीब किसानों की भूमि न ली जाए।" उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व ने देश तथा सरकार को 'दिशा' दी है।

ज्ञात हो कि संप्रग की मौजूदा सरकार भ्रष्टाचार के चौतरफा आरोपों का सामना कर रही है। पहले 2जी घोटाला सामने आया और फिर कोयला ब्लॉक आवंटन में घोटाला उजागर हुआ। हाल ही में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा पर इंडिया अगेंस्ट करप्शन ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे।