ई-सिगरेट पर बैन के लिए कांग्रेस ने की मोदी सरकार की तारीफ लेकिन पूछा ये सवाल

सरकार के भारत में ई-सिगरेट (Electronic Cigarette) को बैन करने के फैसले का कांग्रेस ने स्वागत किया है. हालांकि इसके साथ ही उसने यह सवाल भी किया कि क्या सरकार तंबाकू वाले सिगरेट और पान मसाले पर भी पाबंदी लगाएगी?

ई-सिगरेट पर बैन के लिए कांग्रेस ने की मोदी सरकार की तारीफ लेकिन पूछा ये सवाल

ई-सिगरेट से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने पर सजा का भी प्रावधान है.

खास बातें

  • कांग्रेस की ओर से अजय माकन ने किया फैसले का स्वागत
  • नियम तोड़ने पर हो सकती है 3 साल की जेल या 5 लाख तक जुर्माना
  • उत्पादन, बिक्री, भंडारण और आयात- निर्यात सब पर रोक
नई दिल्ली:

सरकार के भारत में ई-सिगरेट  (Electronic Cigarette) को बैन करने के फैसले का कांग्रेस ने स्वागत किया है. हालांकि इसके साथ ही उसने यह सवाल भी किया कि क्या सरकार तंबाकू वाले सिगरेट और पान मसाले पर भी पाबंदी लगाएगी?  पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता अजय माकन (Ajay Maken) ने संवाददाताओं से कहा, ''ई सिगरेट पर प्रतिबंध का हम स्वागत करते हैं. लेकिन हम यह भी पूछना चाहते हैं कि क्या सरकार तंबाकू वाले सिगरेट और पान मसाले पर भी प्रतिबंध लगाएगी?"

गौरतलब है कि बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में ई-सिगरेट  (E-Cigarette)  पर बैन लगाने का फैसला लिया गया. बैठक के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जानकारी दी कि इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट यानी ई- सिगरेट के उत्पादन, बिक्री, भंडारण और आयात- निर्यात पर रोक लगाई गई है. उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए अध्यादेश लाया जायेगा. सीतारमण ने बताया कि इसका उल्लंघन करने पर सजा का भी प्रावधान किया गया है. 

Exclusive: मोदी सरकार ने क्यों लगाया ई-सिगरेट पर बैन, पढ़ें- इनसाइड स्टोरी

केंद्र सरकार ने यह अहम फैसला भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) द्वारा ई-सिगरेट को लेकर जारी किये गए एक व्हाइट पेपर के बाद लिया है. ICMR ने मई में जो व्हाइट पेपर जारी किया था, उसमें ई-सिगरेट या इंड्स (Electronic Nicotine Delivery System) पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की थी. 


क्या है ई-सिगरेट?
ई-सिगरेट या इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट एक बैटरी-चालित डिवाइस होती है, जो तम्बाकू या गैर-तम्बाकू पदार्थों की भाप को सांस के साथ भीतर ले जाती है. आमतौर पर सिगरेट, बीड़ी या सिगार जैसे धूम्रपान के लिए प्रयोग किए जाने वाले तम्बाकू उत्पादों के विकल्प के रूप में इस्तेमाल की जाने वाली ई-सिगरेट तम्बाकू जैसा स्वाद और एहसास देती है, जबकि वास्तव में इसमें कोई धुआं नहीं होता है. ई-सिगरेट एक ट्यूब के आकार में होती है, और इनका बाहरी रूप सिगरेट और सिगार जैसा ही बनाया जाता है. 

ई-सिगरेट सेहत के लिए हानिकारक, सरकार ने लगाया बैन जानिए क्या है नुकसान और कैसे छोड़े इसकी लत

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com


नियम तोड़ने पर कितना देना होगा जुर्माना?
सरकार ने ई-सिगरेट पर पूरी तरह से बैन के अलावा नियमों के उल्लंघन पर जुर्माने का भी प्रावधान किया है. पहली बार गुनाह पर एक साल की सजा या एक लाख रुपये का जुर्माना या दोनों है, जबकि बार बार गुनाह करने पर सजा 3 वर्ष होगी या 5 लाख रुपये का जुर्माना या दोनों लगाए जा सकते हैं. (इनपुट-भाषा)

VIDEO: भारत में ई-सिगरेट पर लगी पाबंदी