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CJI के खिलाफ साजिश: सुप्रीम कोर्ट ने दिए जांच के आदेश, रिटायर जस्टिस एके पटनायक करेंगे जांच

सुप्रीम कोर्ट के रिटायर जस्टिस जस्टिस एके पटनायक इस मामले की जांच करेंगे. सुप्रीम कोर्ट ने जांच में सीबीआई, आईबी और दिल्ली पुलिस को मदद करने के निर्देश दिए हैं.

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CJI के खिलाफ साजिश: सुप्रीम कोर्ट ने दिए जांच के आदेश, रिटायर जस्टिस एके पटनायक करेंगे जांच

सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के खिलाफ साजिश के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जांच के आदेश दिए हैं. सुप्रीम कोर्ट के रिटायर जस्टिस जस्टिस एके पटनायक इस मामले की जांच करेंगे. सुप्रीम कोर्ट ने जांच में सीबीआई, आईबी और दिल्ली पुलिस को मदद करने के निर्देश दिए हैं. सुप्रीम कोर्ट के वकील उत्सव बैंस के दावा किया था कि सीजेआई के खिलाफ साजिश रची जा रही है. रिटायर जस्टिस एके पटनायक बैंस के दावों की जांच करेंगे. बैंस ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल करके दावा किया था कि सीजेआई को यौन शोषण के मामले में फंसाकर उनके खिलाफ साजिश रची जा रही है.

गुरुवार सुबह सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि प्रधान न्यायाधीश के खिलाफ षड्यंत्र के दावों पर कहा कि जिस तरीके से इस संस्था से पेश आया जा रहा है, हम उससे नाराज हैं... यदि ऐसा होगा तो हम काम नहीं कर पाएंगे. कोर्ट ने प्रधान न्यायाधीश के खिलाफ षड्यंत्र संबंधी वकील के दावों पर कहा कि इस संस्था को बदनाम करने के लिए एक सोचा समझा हमला किया जा रहा है और सोचा समझा खेल खेला जा रहा है. कोर्ट ने कहा कि चार से पांच प्रतिशत वकील ऐसे हैं जो इस महान संस्था को बदनाम कर रहे हैं.

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साथ ही कहा था, ‘अब समय आ गया है कि हम खड़े हों और देश के अमीर एवं ताकतवर लोगों को बताएं कि वे ऐसा नहीं कर सकते.' न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा, न्यायमूर्ति आर एफ नरिमन और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही थी.

बता दें, सुप्रीम कोर्ट ने शीर्ष न्यायालय में ‘फिक्सिंग' के दावों और सीजेआई रंजन गोगोई पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों को बुधवार को ‘अत्यधिक संवेदनशील' करार दिया और कहा कि यह अदालत की जिम्मेदारी है कि संस्था (अदालत) को पाक-साफ रखा जाए, ताकि इसकी छवि धूमिल ना हो.

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न्यायमूर्ति अरूण मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की विशेष पीठ ने कहा कि शीर्ष न्यायालय की पीठ में ‘फिक्सिंग' के बारे में अधिवक्ता उत्सव सिंह बैंस द्वारा दाखिल हलफनामे में लगाए गए आरोप और कुछ नामों का खुलासा बहुत ही गंभीर पहलू वाला है. पीठ ने कहा, ‘यह हमारी जिम्मेदारी बनती है कि संस्था (अदालत) को पाक - साफ रखा जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि इस तरह के आरोपों से इस संस्था की छवि धूमिल ना हो...'

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