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सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ करेगी जलीकट्टू के मामले की सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ ये तय करेगी कि क्या जलीकट्टू और बैल गाड़ी रेस संविधान द्वारा दिए गए मौलिक अधिकार अनुछेद 29 (1) के तहत आते है या नहीं.

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सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ करेगी जलीकट्टू के मामले की सुनवाई

जलीकट्टू (प्रतीकात्मक तस्वीर)

खास बातें

  1. जलीकट्टू में जानवारों पर अत्याचार का आरोप
  2. सुप्रीम कोर्ट में अब फिर चल रहा है मामला
  3. कोर्ट इस मामले में पहले दे चुका है फैसला
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट में जलीकट्टू का मामला चल रहा है. आज सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने तय किया कि इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ सुनवाई करेगी. सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ ये तय करेगी कि क्या जलीकट्टू और बैल गाड़ी रेस संविधान द्वारा दिए गए मौलिक अधिकार अनुछेद 29 (1) के तहत आते है या नहीं.

संवैधानिक पीठ ये तय करेगी कि क्या जलीकट्टू और बैल गाड़ी रेस राज्य की संस्कृति का हिस्सा है या नहीं.

क्या है जलीकट्टू और कंबाला मामला 
एनिमल वेलफेयर बोर्ड समेत कई संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दायर की थी. अर्जी में जलीकट्टू को लेकर तमिलनाडू सरकार के नए एक्ट को चुनौती दी गई है. याचिका में कहा गया कि ये एक्ट अंसवैधानिक है.

पढ़ें : क्या है जल्लीकट्टू का मतलब...तमिलनाडु का वह खेल जिसके लिए सड़कों पर उतरी है जनता

याचिका में कहा गया है कि 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि जलीकट्टू में जानवरों पर अत्याचार होता है और राज्य में जलीकट्टू को इजाजत नहीं दी जा सकती है.

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ऐसे में तमिलनाडू राज्य प्रिवेंशन ऑफ क्रूअल्टी अगेंस्ट एनिमल जैसे केंद्रीय कानून में संशोधन नहीं कर सकता. इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट इस मामले में पुनर्विचार याचिका खारिज कर चुका है. 

VIDEO: जलीकट्टू के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई

राज्य का ये नया एक्ट सुप्रीम कोर्ट के आदेश को चुनौती पेश कर रहा है.


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