उप राष्‍ट्रपति वेंकैया नायडू बोले, 'अयोध्‍या में राम मंदिर का निर्माण धार्मिक मामले से कहीं अधिक..'

उप राष्‍ट्रपतिने लिखा, 'अयोध्या के राजा के रूप में राम ने एक अनुकरणीय जीवन का उदाहरण पेश किया. उनका आचरण और मूल्य भारत की चेतना का मूल है.

उप राष्‍ट्रपति वेंकैया नायडू बोले, 'अयोध्‍या में राम मंदिर का निर्माण धार्मिक मामले से कहीं अधिक..'

राम जन्‍मभूमि मंदिर भूमि पूजन के अवसर पर उप राष्‍ट्रपति ने एक पोस्‍ट लिखा है

खास बातें

  • कहा, यह राम के उच्‍च मानवीय मूल्यों की पुर्नस्‍थापना का मौका
  • खास अवसर के रूप में याद किया जाएगा पांच अगस्‍त को दिन
  • बुधवार को हुआ राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन समारोह
नई दिल्ली:

Ram Mandir Bhoomi Pujan: उप राष्‍ट्रपति एम वेंकैया नायडू (M. Venkaiah Naidu) ने कहा कि है कि अयोध्या (Ayodhya) में राममंदिर का निर्माण (Construction of Ram temple) एक धार्मिक मामले से कहीं अधिक है. यह वास्‍तव में अयोध्या के शासक राम की ओर से स्‍थापित किए गए उच्चतम मानवीय मूल्यों की पुर्नस्‍थापना का अवसर है. उप राष्‍ट्रपति (Vice President of India) ने यह विचार एक फेसबुक पोस्‍ट में व्‍यक्‍त किए. उप राष्‍ट्रपति ने लिखा, अयोध्या में भगवान राम (Lord Ram) के मंदिर का निर्माण सत्य, नैतिकता और आदर्शों के उन उच्च मानवीय मूल्यों का पुन: 'राज्याभिषेक' है जो मर्यादा पुरुषोत्तम ने अपने जीवन के स्‍थापित किए थे.राम मंदिर के लिए भूमिपूजन और शिलान्‍यास समारोह बुधवार को पीएम नरेंद्र मोदी की विशेष मौजूदगी में संपन्‍न हुआ.

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उन्‍होंने लिखा, 'अयोध्या के राजा के रूप में राम ने एक अनुकरणीय जीवन का उदाहरण पेश किया. उ नका आचरण और मूल्य भारत की चेतना का मूल है. ये सभी वर्तमान के लिए भी बेहद प्रासंगिक हैं. इसलिए, राम मंदिर का निर्माण एक धार्मिक मामले से कहीं अधिक है. 5 अगस्त यानी राम मंदिर के भूमि पूजन का दिन हमारे देश के इतिहास में एक मील के पत्‍थर के रूप में याद किया जाएगा. मैं लंबे समय से चल रहे विवाद के न्यायिक समाधान को सक्षम करने और मंदिर को एक वास्तविकता बनाने के लिए भूमि शीर्षक सूट के लिए पक्ष सहित उन सभी की सराहना करता हूं.'

अपने पोस्‍ट में उप राष्‍ट्रपति ने भूमि विवाद मामले में पक्षकार रहे स्वर्गीय हाशिम अंसारी के पुत्र इकबाल अंसारी की भी सराहना की जो लोगों से अतीत को भूल जाने और भारत की सच्ची भावना में आगे बढ़ने का आग्रह किया है. उन्‍होंने कहा कि हमें इस दिन को सभी विश्वासों और सामंजस्यपूर्ण सह-अस्तित्व के लिए आपसी सम्मान के एक नए युग की शुरुआत के रूप में याद रखा जाना चाहिए. उप राष्‍ट्रपति ने लिखा, इस खास अवसर पर, हमें राष्ट्रपिता महात्मा की कल्‍पना के सभी के लिए सुख और समृद्धि के अलावा शांति, न्याय और सभी के लिए शांति, न्याय और समानता सुनिश्चित करने वाले रामराज्य के सिद्धांतों के लिए खुद को फिर से समर्पित करना चाहिए.

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अयोध्या की दीवारों पर रामकथा

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