आधार डाटा लीक मामले को लेकर गहराया विवाद, विपक्ष ने उठाए सवाल

टेलिकॉम रेग्यूलेटरी अथॉरिटी के चेयरमैन आरएस शर्मा को अपना आधार नंबर सार्वजनिक करना महंगा पड़ रहा है. पिछले दो दिनों में हैकर्स ने उनसे जुड़ी कई निजी जानकारी सार्वजनिक कर दी है.

आधार डाटा लीक मामले को लेकर गहराया विवाद, विपक्ष ने उठाए सवाल

प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

नई दिल्‍ली:

क्या अपना आधार नंबर सार्वजनिक कर टेलिकॉम रेग्यूलेटरी अथॉरिटी के चेयरमेन आरएस शर्मा ने सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं? UIDAI ने साफ कर दिया है कि उसके सिस्टम में कोई सेंधमारी नहीं हुई है. लेकिन इस पूरे विवाद से आरएस शर्मा को शर्मिंदगी ज़रूर झेलनी पड़ी है. टेलिकॉम रेग्यूलेटरी अथॉरिटी के चेयरमैन आरएस शर्मा को अपना आधार नंबर सार्वजनिक करना महंगा पड़ रहा है. पिछले दो दिनों में हैकर्स ने उनसे जुड़ी कई निजी जानकारी सार्वजनिक कर दी है - उनका फोन नंबर, उनका पता, बैंक अकाउंट और वाट्सऐप का DP. ऐसे में सवाल ये उठता है कि क्या हैकर्स आधार से लिंक बैंक अकाउंट और दूसरे ब्योरे भी हासिल कर सकते हैं?

हालांकि आरएस शर्मा अब भी ये मानने को तैयार नहीं कि हैकर्स ने उनकी कोई अहम जानकारी जुटाई है. लेकिन सब लोग ये नहीं मानते. पूर्व टेलिकॉम मंत्री कपिल सिब्बल ने एनडीटीवी से कहा, "अगर किसी व्यक्ति का बैंक अकाउंट सार्वजनिक हो जाए और उसके आधार अकाउंट की हैंकिंग हो जाए तो ये बहुत चिंता की बात है. जबकि राज्यसभा सांसद और पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष रहे प्रताप सिंह बाजवा ने टेलिकॉम रेग्यूलेटरी अथॉरिटी के चेयरमेन आरएस शर्मा के इस्तीफे की मांग कर दी है.

लेफ्ट ने इस पूरी घटना की जांच की मांग की है. सीपीआई सांसद डी राजा ने एनडीटीवी से कहा कि इस घटना से आधार डाटा की सुरक्षा को लेकर कई बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं और इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिये. उधर विवाद बढ़ने से सरकार के लिए मामले में सफाई देना मुश्किल हो रहा है. जब आधार की अनिवार्यता का सवाल सुप्रीम कोर्ट में है, तब आरएस शर्मा के उत्साह ने सरकार के केस को कुछ कमज़ोर तो किया ही है.

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VIDEO: आधार की सुरक्षा पर एक बार फिर बहस तेज़

मीडियानामा के संपादक निखिल पाहवा कहते हैं कि आरएस शर्मा कहते हैं कि उनकी निजी जानकारी लीक होने से उन्हें कोई नुकसान नहीं हुआ है लेकिन अगर किसी महिला का फोन नंबर या घर का पता आरएस शर्मा की तरह सार्वजनिक हो जाता है तो इससे उसकी निजता कमज़ोर होती है. साफ है...इस विवाद से कई बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं...जिनसे सरकार को आने वाले दिनों में निपटना पड़ेगा.