NDTV Khabar

सुशील मोदी ने तेजस्वी यादव की तुलना निर्भया के रेपिस्ट से की, मचा बवाल

भ्रष्टाचार के आरोप झेल रहे लालू प्रसाद यादव और बेटे तेजस्वी यादव ने खुलेआम ऐलान कर दिया है कि कुछ भी हो जाए इस्तीफा नहीं देंगे.

544 Shares
ईमेल करें
टिप्पणियां
सुशील मोदी ने तेजस्वी यादव की तुलना निर्भया के रेपिस्ट से  की, मचा बवाल

सुशील मोदी ने साधा तेजस्वी यादव पर निशाना

खास बातें

  1. तेजस्वी यादव को लेकर किया था ट्वीट
  2. काफी समय से लगा रहे हैं भ्रष्टाचार के आरोप
  3. तेजस्वी कर चुके हैं इस्तीफे से इनकार
नई दिल्ली: बिहार के बीजेपी नेता सुशील मोदी पिछले काफी समय से लालू यादव और उनके परिवार पर घोटाले के आरोप लगाते रहे हैं. इसे लेकर वह आरजेडी के निशाने पर भी हैं. फिर अब तो बात डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के इस्तीफे तक जा पहुंची है. सुशील मोदी ने गुरुवार को एक बार फिर तेजस्वी यादव पर हमला बोला, लेकिन इस बार उनके बयान पर बवाल मच गया. दरअसल, भ्रष्टाचार के आरोप झेल रहे लालू प्रसाद यादव और बेटे तेजस्वी यादव ने खुलेआम ऐलान कर दिया है कि कुछ भी हो जाए इस्तीफा नहीं देंगे. उन्होंने अपने बचाव में कहा था कि जिस वक्त घोटाला हुआ था उस वह उनकी उम्र 13 या 14 साल थी. उस वक्त न तो उनकी दाढ़ी थी और न ही मूंछ. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इस मुद्दे पर नहीं झूकेगी और जरूरत होगी तो जनता के बीच जाएगी. इसी बात को लेकर सुशील मोदी ने ट्वीटर पर जवाब दिया कि जब कोई बिना मूंछ वाला निर्भया जैसा जघन्य बलात्कार कांड कर सकता है तब कागजी हेराफेरी से संपत्ति क्यों नहीं बना सकता? 



सुशील मोदी ने यह भी लिखा कि तेजस्वी को भाजपा नहीं, लालू प्रसाद ने अपने भ्रष्टाचार में साझी बना कर फंसाया.तेजस्वी  यादव ने पहले 1000 करोड़ की बेनामी सम्पत्ति बनाने से इनकार किया,फिर बदले की भावना से फंसाने की बात रटने लगे और अब कह रहे हैं कि उस वक्त बालिग नहीं थे. इसमें नाबालिग वाला झूठ तो हास्यास्पद भी है.

यह भी पढ़ें
तेजस्वी यादव के इस्तीफे पर महागठबंधन में तनातनी, नीतीश कुमार को लालू यादव का करारा जवाब

क्या तेजस्वी यादव के खिलाफ कार्रवाई नहीं करके अपना पद बचा रहे हैं नीतीश : जीतन राम मांझी


उल्लेखनीय है कि सुशील कुमार मोदी ने नीतीश कुमार को लेकर कहा है कि बीजेपी के साथ वह हमेशा सहज रहे हैं और कांग्रेस के साथ वह कभी खुश नहीं रह सकते क्‍योंकि कांग्रेस विरोध उनके खून में है. अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्‍सप्रेस के एक कार्यक्रम में उन्‍होंने यह बात कही. उन्होंने कहा कि उनके संबंध तब सबसे ज्‍यादा मधुर थे जब वह अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में रेल मंत्री (2001-04) थे. वह उनके राजनीतिक करियर का स्‍वर्णिम काल था.


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement