लॉकडाउन के कुछ ही घंटों बाद सीएम योगी पहुंचे अयोध्या तो कांग्रेस ने उठाए सवाल

पीएम मोदी की ओर से किए गए 21 दिन के पूरे देश में लॉकडाउन के ऐलान के बाद अयोध्या में उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के पहुंचने पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं. उ

लॉकडाउन के कुछ ही घंटों बाद सीएम योगी पहुंचे अयोध्या तो कांग्रेस ने उठाए सवाल

सीएम योगी के अयोध्या जाने पर कांग्रेस ने सवाल उठाए

खास बातें

  • उत्तर प्रदेश के सीएम पहुंचे अयोध्या
  • अस्थाई मंदिर में किया रामलला को किया गया शिफ्ट
  • लॉकडाउन के कुछ ही घंटों बाद पहुंचे थे सीएम
नई दिल्ली:

पीएम मोदी की ओर से किए गए 21 दिन के पूरे देश में लॉकडाउन के ऐलान के बाद अयोध्या में उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के पहुंचने पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं. उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय कुमार ने ट्वीटर पर कहा है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री जी नहीं मानते,भीड़ के साथ दर्शन कर रहे हैं तो ऐसे में कैसे उत्तर प्रदेश की जनता प्रधानमंत्री जी की बात मानें? आपको बता दें कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने रामलला को टिन शेड से निकालकर फाइबर के बने अस्थायी मंदिर में विराजित किया है. इस दौरान उन्होंने पूजा-अर्चना भी की है और उनके साथ सुरक्षाकर्मी और बाकी कई लोग थे. सीएम योगी ने कहा कि रामलला इस अस्थाई मंदिर में रहेंगे जब तक मंदिर का निर्माण नहीं हो जाता है. इसके साथ ही उन्होंने मंदिर निर्माण के लिए 11 लाख का चेक भी दिया.

इस पूरे कार्यक्रम पर सवाल उठाते हुए उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने लिखा, 'नवरात्रि का पहला दिन हैं,मां के दरबार में दर्शन के लिए जाना मेरी भी हार्दिक इच्छा हैं लेकिन मैंने प्रधानमंत्री जी की बात मानी. उप्र के मुख्यमंत्री जी नहीं मानते,भीड़ के साथ दर्शन कर रहे हैं तो ऐसे में कैसे उप्र की जनता प्रधानमंत्री जी की बात मानें?

सोमवार को शुरु हुआ मंदिर निर्माण
आपको बता दें कि अयोध्या में विशेष पूजा अर्चना के साथ देव प्रतिमाओं को एक अस्थायी संरचना में स्थानांतरित करने के साथ ही राम मंदिर निर्माण का कार्य सोमवार को आरंभ हुआ.  मंदिर का निर्माण कार्य पूरा होने तक प्रतिमाएं अस्थायी संरचना में रहेंगी.  कोरोना वायरस के खतरे के चलते प्रशासन द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के बीच मंदिर निर्माण कार्य की शुरुआत हुई.  विशेष पूजा मंगलवार को भी जारी रहेगी और प्रतिमाओं को नए ढांचे में बुधवार की सुबह स्थानांतरित किया जाएगा.  श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के सदस्यों विमलेंद्र मिश्रा और डॉ अनिल मिश्रा की उपस्थिति में विशेष पूजा अर्चना की गई.  राम मंदिर न्यास के सचिव चंपत राय ने कहा कि कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए अयोध्या के साधु संतों को पूजा में आमंत्रित नहीं किया गया. 

उन्होंने कहा, “हम स्थिति पर 24 मार्च तक नजर रखेंगे और तदनुसार आगे की कार्य योजना पर निर्णय लेंगे.” मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बुधवार को प्रस्तावित अयोध्या दौरे के बारे में पूछे जाने पर राय ने कहा कि यह अभी तय नहीं है.  उन्होंने कहा, “इस समय मुख्यमंत्री पर लोगों की सुरक्षा का दायित्व है। यह ‘राजा' का प्रथम कर्तव्य है.” जयपुर के कारीगरों द्वारा बनाए गए साढ़े नौ किलो के चांदी के सिंहासन पर 25 मार्च को देव प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी. 

राम कोट परिक्रमा स्थगित
कोरोना वायरस के खतरे के मद्देनजर संतों के समूह ने शुक्रवार को आगामी राम कोट परिक्रमा को स्थगित करने का फैसला किया है.  उल्लेखनीय है कि राम कोट परिक्रमा धार्मिक उत्सव है जो हर साल राम नवमी के पहले दिन आयोजित किया जाता है और इस साल यह 24 मार्च को होना था.  भगवान राम का जन्मोत्सव मनाने के लिए रामनवमी के पहले दिन इस उत्सव के तहत संतों का एक समूह और कुछ नेता रामजन्म भूमि परिसर की परिक्रमा करते हैं.  अयोध्या के जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने उत्सव के रद्द होने की सूचना दी.  (इनपुट : भाषा से भी)