कोरोनावायरस: निजामुद्दीन मरकज को 'हॉटस्पॉट' घोषित किया, केंद्र सरकार ने दिल्ली सरकार को पिछले हफ्ते किया था 'अलर्ट'

दक्षिण दिल्ली की वह इमारत जहां निजामुद्दीन मरकज के तहत कई देशों के लोग वहां पहुंचे थे. उसे केंद्र द्वारा कोरोनावायरस हॉटस्पॉट (जहां संक्रमित लोगों की संख्या ज्यादा है) घोषित किया गया है.

कोरोनावायरस: निजामुद्दीन मरकज को 'हॉटस्पॉट' घोषित किया, केंद्र सरकार ने दिल्ली सरकार को पिछले हफ्ते किया था 'अलर्ट'

केंद्र सरकार ने दिल्ली सरकार को पिछले हफ्ते किया था 'अलर्ट'

नई दिल्ली:

दक्षिण दिल्ली की वह इमारत जहां निजामुद्दीन मरकज के तहत कई देशों के लोग वहां पहुंचे थे. उसे केंद्र द्वारा कोरोनावायरस हॉटस्पॉट (जहां संक्रमित लोगों की संख्या ज्यादा है) घोषित किया गया है. 8 दिन तक एक धार्मिक आयोजन में कई देशों के हजारों लोगों ने हिस्सा लिया था, जिसमें से अबकर 90 से ज्यादा लोगों का टेस्ट पॉजिटिव आ चुका है, जबकि 7 लोगों की मौत हो चुकी है. जानकारी के मुताबिक 28 मार्च को गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर बताया था कि हमें सूचना मिली है कि तबलीगी जमात में एक धार्मिक कार्यक्रम चल रहा है, हमें आशंका है कि अन्य देशों से आए लोगों से कोरोनावायरस का संक्रमण फैल सकता है.       

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गौरतलब है कि राजधानी दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन स्थित मरकज में एक से 15 मार्च तक तबलीगी जमात में हिस्सा लेने के लिए दो हजार से ज्यादा लोग पहुंचे थे. इसमें देश के अलग-अलग राज्यों और विदेश से कुल 1830 लोग मरकज में शामिल हुए, जबकि मरकज के आसपास व दिल्ली के करीब 500 से ज्यादा लोग थे.

क्या होती है तबलीगी जमात और क्या हैं मरकज के मायने?

तबलीगी जमात की तरफ से प्रेस स्टेटमेंट जारी किया गया है. जिसमें कहा गया कि तब्लीग-ए-जमात 100 साल से पुरानी संस्था है, जिसका हेडक्वार्टर दिल्ली की बस्ती निज़ामुद्दीन में है. यहां देश-विदेश से लोग लगातार सालों भर आते रहते है. ये सिलसिला लगातार चलता है जिसमें लोग दो दिन, पांच दिन या 40 दिन के लिए आते हैं. लोग मरकज में ही रहते हैं और यहीं से तबलीगी का काम करते है.

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