Coronavirus Lockdown: 'घर' जाने के लिए गाजियाबाद में रामलीला ग्राउंड में इकट्ठे हुए हजारों मजदूर

कोरोना वायरस से ऐहतियात के तौर पर इन मज़दूरों ने चेहरे को केवल कपड़े/मॉस्‍क से कवर कर रखा था. यह इन्‍हें यह बताया गया कि इस लापरवाही के कारण वे वायरस के संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं तो अपनी बारी का इंतजार कर रहे एक मजदूर ने कहा-"मुझे इस बीमारी के बारे में पता नहीं है, लेकिन मैं भूख से मरना नहीं चाहता."

नई दिल्ली:

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक मैदान में सोमवार को प्रवासी मजदूरों की भारी भीड़ इकट्ठा हुई. ये लोग विशेष ट्रेन से अपने घर वापस लौटने की प्रक्रिया के तहत यहां जमा हुए. गाजियाबाद के रामलीला मैदान में इतनी बड़ी संख्‍या में लोगों का जमावड़ा लगने की वजह से सोशल डिस्‍टेंसिंग के नियमों की धज्जियां उड़ती नजर आईं. ये लोग बस के लिए रजिस्‍टर कराने के लिए अपनी बारी का इंतजार करते हुए यहां एकत्र हुए. मैदान में प्रशासन द्वारा पास बनाए जा रहे थे.बसें प्रवासी मजदूरों को उन विभिन्‍न प्‍वाइंट्स पर लेकर जाएंगीं जहां से उन्‍हें विशेष ट्रेन के जरिये बिहार भेजा जाएगा.फोटो में कुछ काउंटर पर बैठे अधिकारियों को इन मजदूरों के विवरण को नोट करते हुए देखा जा सकता है.

कोरोना वायरस से ऐहतियात के तौर पर इन मज़दूरों ने चेहरे को केवल कपड़े/मॉस्‍क से कवर कर रखा था. यह इन्‍हें यह बताया गया कि इस लापरवाही के कारण वे वायरस के संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं तो अपनी बारी का इंतजार कर रहे एक मजदूर ने कहा-"मुझे इस बीमारी के बारे में पता नहीं है, लेकिन मैं भूख से मरना नहीं चाहता." उन्होंने कहा कि वह घंटों इंतजार करने को तैयार हैं लेकिन घर जाना चाहते हैं. एक अन्य मजदूर ने खराब व्‍यवस्‍था के लिएक अधिकारियों को भी आड़े हाथ लिया. गौरतलब है कि विभिन्‍न राज्‍यों में फंसे प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचाने के लिए इस माह की शुरुआत में विशेष ट्रेनें प्रारंभ की गई थी. इन ट्रेनों में मजदूरों को बैठाते समय सोशल डिस्‍टेंसिंग के नियमों का पालन किया जा रहा है.

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कोरोना वायरस के कारण जारी लॉकडाउन के कारण इन मजदूरों का रोजगार छिन गया है और इसमें से कई तो पैदल चलकर अपने गांवों जाने को मजबूर थे. इस दौरान कई मजदूरों को सड़क दुर्घटना के कारण जान गंवानी पड़ी, वहीं कुछ अन्‍य ने लगातार पैदल चलने के कारण हुई थकान से चूर होकर दम तोड़ दिया. इस तरह की कई घटनाओं के सामने आने के बाद यूपी सरकार ने हाल ही में आदेश दिया कि किसी भी प्रवासी मजदूरों को सड़कों या रेल की पटरियों के किनारे से पैदल चलकर यात्रा की इजाजत नहीं दी जाएगी और उन्‍हें बसों या ट्रेन से घर तक पहुंचाया जाएगा. गाजियाबाद में, प्रशासन ने विशेष काउंटरों की व्‍यवस्‍था की है जो प्रवासी मजदूरों को उन स्टेशनों तक ले जाने में मदद करेंगे जहां से विशेष ट्रेनें रवाना होंगी. गौरतलब है कि देश में भारत में कोरोना वायरस के मामलों की संख्या 96,000 को पार कर गई है. सरकार ने देश में लॉकडाउन की अवधि 31 मई तक बढ़ा दी है.

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