Coronavirus: इलाज करने में जुटीं नर्सों को सुविधाएं नहीं, सरकार को चिट्ठी लिखी

कहा- कोरोना मरीजों का इलाज करने वाले डाक्टरों को होटलों में रुकवाया जा रहा है जबकि नर्सिंग स्टाफ को नर्सेज स्टूडेंट के हॉस्टल रुकवाया गया

Coronavirus: इलाज करने में जुटीं नर्सों को सुविधाएं नहीं, सरकार को चिट्ठी लिखी

प्रतीकात्मक फोटो.

खास बातें

  • ऑल इंडिया गवर्नमेंट नर्सेस फेडरेशन ने भारत सरकार को पत्र लिखा
  • नर्सों के लिए सरकारी अस्पतालों में PPE किट उपलब्ध नहीं
  • लंबे वक्त तक काम करने से नर्सों पर बीमारी का खतरा
नई दिल्ली:

ऑल इंडिया गवर्नमेंट नर्सेस फेडरेशन ने भारत सरकार को पत्र लिखा है जिसमें कोरोना वायरस (Coronavirus) के मरीजों के इलाज में लगीं नर्सों को समुचित सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराए जाने की शिकायत की गई है. फेडरेशन ने कहा है कि कोरोना मरीजों का इलाज करने वाले डाक्टरों को होटलों में रुकवाया जा रहा है जबकि नर्सिंग स्टाफ को नर्सेज स्टूडेंट के हॉस्टल रुकवाया गया है जो कि प्रोटोकॉल के खिलाफ है. डाक्टरों के लिए होटल का इंतजाम किया जा रहा है और नर्सों के लिए अब तक कोई इंतजाम नहीं है.

फेडरेशन ने कहा है कि कोरोना वायरस के पीड़ितों का इलाज करने वालीं नर्सों के लिए सरकारी अस्पतालों में PPE किट उपलब्ध नहीं है. जबकि डाक्टरों को PPE किट दी जा रही है. नर्सों से HIV प्रोटेक्टिव किट, जो कि लेनिन कपड़े का होता है, पहनकर इलाज करने को कहा जा रहा है. ये स्टाफ के लिए बहुत खतरनाक है. 

नर्सों ने कहा है कि दिल्ली सरकार कह रही है कि 14 दिन लगातार लंबे वक्त के लिए ICU में काम करें तब 14 दिन की छुट्टी दी जाएगी. लंबे वक्त तक काम करने से नर्सों पर बीमारी का खतरा बनेगा. सरकारी अस्पतालों में काम करने वाले स्टाफ के लिए पर्याप्त बसें नहीं हैं, खास तौर पर गाजियाबाद, नोएडा और गुरुग्राम से आने वालों के लिए. 

फेडरेशन ने मांग की है कि नर्सों को हाई क्वालिटी PPE दी जाए. अस्पताल के नजदीक रहने की सुविधा दी जाए. ड्यूटी आवर्स कम हों ताकि सेफ्टी से काम किया जा सके. ट्रांसपोर्ट की बेहतर सुविधा दी जाए.

 
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