दिल्‍ली: कोविड-19 के खिलाफ जिंदगी की 'जंग' हारे संविदा डॉक्‍टर जावेद अली, परिवार ने की मुआवजे की मांग...

डॉ. जावेद मार्च से कोविड-19 ड्यूटी पर थे. उनके कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि 24 जून को हुई थी और उन्‍हें तीन सप्‍ताह के लिए अस्‍पताल में भर्ती किया गया था.

दिल्‍ली: कोविड-19 के खिलाफ जिंदगी की 'जंग' हारे संविदा डॉक्‍टर जावेद अली, परिवार ने की मुआवजे की मांग...

डॉ. जावेद अली के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि 24 जून को हुई थी

नई दिल्ली:

Coronavirus Pandemic: दिल्ली में एक और कोरोना वॉरियर, दिल्ली सरकार के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के लिए काम करने वाले 42 वर्षीय संविदा डॉक्टर (contractual doctor) जावेद अली (Javed Ali) की  कोविड-19 (Covid-19) से लड़ते हुए सोमवार को मौत हो गई. डॉ. जावेद मार्च से कोविड-19 ड्यूटी पर थे. उनके कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि 24 जून को हुई थी और उन्‍हें तीन सप्‍ताह के लिए अस्‍पताल में भर्ती किया गया था. सोमवार सुबह एम्स ट्रॉमा सेंटर में उन्‍होंने अंतिम सांस ली. डॉ. जावेद अपने पीछे पत्‍नी और दो बच्‍चों को छोड़ गए हैं. उनकी मौत पर परिवार ने मुआवजे की मांग करते हुए कहा, संविदाकर्मियों को दिन-रात काम करने के बावजूद कोई मदद नहीं दी जाती. परिवार ने आरोप गया कि निजी अस्पताल में प्रारंभिक उपचार का खर्च भी परिवार को वहन करना पड़ा. NHM डॉक्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को भी इस बारे में पत्र लिखा है.

डॉ.जावेद अली (42) ने दक्षिण दिल्ली के छतरपुर में एक क्‍वारंटाइन सेंटर में सेवाएं दी थीं, बाद में उन्‍होंने राधा स्‍वामी कोविड कोयर सेंटर और पुष्‍प विहार स्थित सीरो सर्विलेंस सेटर में भी सेवा दी. पिछले 10 दिनों से वह वेंटिलेटर पर था. 24 जून को कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद वे पिछले 10 दिन से वेंटीलेटर पर थे. डॉ. जावेद की पत्‍नी हीना कौसर हरियाणा के एक निजी अस्‍पताल में गॉयनोकोलॉजिस्‍ट के तौर पर काम करती हैं उनके बेटे की उम्र 6 साल जबकि बेटी की उम्र 12 साल है. हीना ने कहा, 'मुझे अपने पति पर वर्ग है. उन्‍होंने अंतिम क्षण तक काम जारी रखा, वे वाकई योद्धा थे. उन्‍होंने मार्च के बाद से एक भी छुट्टी नहीं ली, यहां तक कि उन्‍होंने ईद के दिन भी काम किया. जब वह निजी अस्पताल में थे, तो इसे लाज के लिए 'कवर' हासिल नहीं था, ऐसे में हमारी जेब से करीब 6 लाख रुपये खर्च किए."

हीना ने अपने और बच्‍चों के भविष्‍य को लेकर चिंता जताते हुए कहा, "मैं सिंगल मदर के रूप में कैसे जीवित रहूंगी. सरकार से मेरा विनम्र अनुरोध है कि वे मुआवजा प्रदान करें और पति की नौकरी अब मुझे दी जाए." NHM डॉक्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को NHM सदस्यों को मेडिकल बेनिफिट देने को लेकर पत्र लिखा है, इसमें डॉक्टर, पैरामेडिक्स और डाटा एंट्री ऑफिसर शामिल हैं. वर्तमान में 240 डॉक्टरों सहित एनएचएम के 2,000 से अधिक सदस्य हैं जो दिल्ली में कोविड-19 ड्यूटी पर हैं.


 

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