मध्‍यप्रदेश: कोरोना संक्रमित से बात करने प्‍लास्टिक शीट पहनकर पहुंचे डॉक्‍टर, हवा में शीट उड़ी, देखें VIDEO

संक्रमित युवक से सबसे पहले मिलने डॉ. रघुराज सिंह, डॉ. सारांश दीक्षित और डॉ. राघवेन्द्र कौशिक पीपीई किट के बजाय सर्जिकल एप्रिन पहनकर पहुंचे थे. युवक का घर बीच खेत में बने होने के कारण वहां तेज हवा चल रही थी. ऐसे में डॉक्टरों के पतले से पन्नी से बनी एप्रेन हवा में उड़कर फट गई, जिन्‍हें डॉक्टरों ने अलग कर फेंक दिया.

मध्‍यप्रदेश: कोरोना संक्रमित से बात करने प्‍लास्टिक शीट पहनकर पहुंचे डॉक्‍टर, हवा में शीट उड़ी, देखें VIDEO

कोरोना संक्रमित युवक से बात करने डॉक्‍टर की टीम प्‍लास्टिक शीट पहनकर पहुंची थी

भोपाल:

Covid-19 Pandemic: मध्यप्रदेश सरकार भले ही डॉक्टरों को कोरोना ड्यूटी के दौरान संसाधन देने की लंबी लम्बी बातें और दावे करती नजर आ रही हो लेकिन वास्तविकता क्या है और किस तरह चिकित्साकर्मी अपनी जान जोखिम में डालकर कोरोना वायरस से लड़ाई लड़ रहे हैं इसका नजारा अशोकनगर जिले के बहादुरपुर कस्बे में देखने मिला. यहां कोरोना ड्यूटी के दौरान डॉक्टर पीपीई किट की जगह पॉलीथिन बांधे नजर आए, ये पॉलीथिन कुछ ही देर में फटकर उड़ भी गई जिसके बाद डॉक्टर सिर्फ मॉस्क में ही रह गए. बाद में एक डॉक्‍टर ने बताया कि सभी डॉक्टरों को एक-एक पीपीई किट उपलब्ध कराई गई है, चूंकि वह संक्रमित व्यक्ति से दो मीटर की दूरी बनाकर बात कर रहे थे इसलिए उन्होंने पीपीई किट पहनना आवश्यक नहीं समझा.

बहादुरपुर में दो युवक हाल ही में इंदौर से अपने गांव वापस लौटे थे. ग्वालियर से उसकी रिपोर्ट मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम उसके घर पहुंची जिसमें प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बहादुरपुर से डॉ. रघुराज सिंह राजपूत, डॉ. सारांश दीक्षित, डॉ. राघवेन्द्र कौशिक और बीपीएम धन सिंह रावत युवक के घर पहुंचे और उससे इंदौर से आने, यहां आने के बाद का मूवमेंट और संपर्क में आए लोगों की जानकारी ली. थोड़ी देर में एक और टीम आई और युवक, उसकी पत्नी, भाई-भाभी और भाई के तीन बच्चों को एंबुलेंस के जरिए जिला चिकित्सालय भेजा गया, जहां इन सभी की सैंपलिंग कर आइसोलेट कर दिया गया.  संक्रमित युवक से सबसे पहले मिलने डॉ. रघुराज सिंह, डॉ. सारांश दीक्षित और डॉ. राघवेन्द्र कौशिक पीपीई किट के बजाय सर्जिकल एप्रिन पहनकर पहुंचे थे. युवक का घर बीच खेत में बने होने के कारण वहां तेज हवा चल रही थी. ऐसे में डॉक्टरों के पतले से पन्नी से बनी एप्रेन हवा में उड़कर फट गई, जिन्‍हें डॉक्टरों ने अलग कर फेंक दिया.

डॉ. रघुराज सिंह ने बताया कि सभी डॉक्टरों को एक-एक पीपीई किट उपलब्ध कराई है, चूंकि वह संक्रमित व्यक्ति से दो मीटर की दूरी बनाकर बात कर रहे थे इसलिए उन्होंने पीपीई किट पहनना आवश्यक नहीं समझा. वहीं सीएमएचओ डॉ, मैंने सभी लोगों को पीपीई किट दी हुई है, पीपीई किट वही पहनते हैं जो सीधे संपर्क में जाते हैं. हमलोग काफी दूर से संवाद कर रहे थे वो मास्क पहन रखा था इसलिये संक्रमण की संभावना कम रहती है.  गौरतलब है कि मध्यप्रदेश के 52 में से अब 49 ज़िलों में कोरोना संक्रमण फैल चुका है, 5981 मरीज़ों में कोरोना से अबतक 270 मरीज़ों की मौत हो चुकी है, जबकि 2843 मरीज़ ठीक भी हो चुके हैं.  (अशोकनगर से स्वदेश के इनपुट के साथ )

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