कोरोना काल ने रोजगार छीना : कैमरामेन बेच रहे सब्जी, जादूगर भी जादूगरी छोड़ कर रहे हैं मज़दूरी

मध्यप्रदेश : यह वे लोग हैं जो हालात के कारण पेशा बदलने को मजबूर तो हुए पर निराश नहीं हुए, इन्होंने खुद्दारी नहीं छोड़ी और किसी काम को छोटा नहीं समझा

कोरोना काल ने रोजगार छीना : कैमरामेन बेच रहे सब्जी, जादूगर भी जादूगरी छोड़ कर रहे हैं मज़दूरी

भोपाल में मोहित खान नियाजी पहले एक न्यूज चैनल में कैमरामैन थे, अब सब्जी बेचते हैं.

खास बातें

  • भोपाल के मोहित खान नियाजी पहले एक न्यूज चैनल में कैमरामैन थे
  • डिप्रेशन से बाहर निकलकर सोचा कि सब्जी बेचकर कमाई कर सकते हैं
  • होशंगाबाद के राहुल जादू से नोट बनाकर हाथ का हुनर दिखाते थे
भोपाल:

कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण काल में आप तक खबरें पहुंचाने वाले कई लोग खबरों की दुनिया से गुम हो गए, उनकी खबर नहीं मिली. भोपाल में एक न्यूज चैनल के कैमरामैन रहा एक शख्स जो कि बाद में डिप्लोमा स्टूडेंटों को कैमरा भी सिखाता रहा है अब काम नहीं होने से सब्जी का ठेला लगा रहा है. वहीं होशंगाबाद में एक जादूगर के पास काम नहीं है तो वे उन्हीं हाथों से मजदूरी करते हैं जिनसे कभी जादू दिखाते थे. यह वे लोग हैं जो हालात के कारण पेशा बदलने को मजबूर तो हुए पर निराश नहीं हुए. इन्होंने खुद्दारी नहीं छोड़ी और किसी काम को छोटा नहीं समझा.

मोहित खान नियाजी पहले एक न्यूज चैनल में कैमरामैन थे, बाद में एक यूनिवर्सिटी में फील्ड कैमरामैन बने. लॉकडाउन में उनकी नौकरी चली गई. अब वे भोपाल के जवाहर चौक पर सब्जी का ठेला लगाते हैं. उन्होंने बताया कि ''कोविड 19 की वजह से नौकरी चली गई. फिर परेशान हो गया. घर पर बीवी-बच्चे-मां सबको बता भी नहीं सकता था. बाद में सब्जी बेचने वालों को देखा, फिर सब्जी का ठेला लगाया, सब्जी बेच रहा हूं. अच्छी खासी नौकरी थी मेरे पास. पहले 10 दिन तो किसी को बताया ही नहीं. फिर डिप्रेशन से बाहर निकला. देखा सब्जी बेचकर रोज कमाई कर सकता हूं, तो सब्जी बेचने लगा.''

       

होशंगाबाद के राहुल जादू से नोट बनाकर हाथ का हुनर दिखाते हैं. पिछले आठ साल से अलग-अलग शहरों में सर्कस और मैजिक शो दिखाकर वे हर महीने 30000 से ज्यादा कमाते थे. लॉकडाउन में सब बंद है, घर लौट आए हैं... अब उन्हीं हाथों से जादू नहीं, हकीकत की दीवार बना रहे हैं.

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राहुल कहते हैं कि ''मैं पहले जादू दिखाता था, अब लॉकडाउन में पलस्तर वगैरह कर रहा हूं, 2-3 महीने से मजबूर हो गया हूं.''
 

   
सीएमआईईई के आंकड़े कहते हैं कि मार्च में मध्यप्रदेश में बेरोजगारी की दर 2.2 थी जो मई में बढ़कर 27.5 हो गई. रोजगार केन्द्रों के मुताबिक प्रदेश में पहले से ही 27 लाख पंजीकृत बेरोज़गार हैं. राज्य में युवा आयोग के सर्वे में भी ये बात सामने आई है कि कोरोना काल में 12 लाख लोगों ने अपनी नौकरी गंवाई है. कोरोना काल में राज्य में सात लाख से ज्यादा मजदूर लौटे हैं. सरकार ने वैसे इन्हें काम देने के लिए रोजगार सेतु पोर्टल बनाया है, लेकिन उससे कुछ हजार हाथों को ही अभी तक काम मिला है.