Coronavirus के खिलाफ 'महाभारत' : PM मोदी ने उतारे अपने चार पुराने 'हथियार' जिनसे मिली थी उन्हें 'विजय'

Coronavirusin In India : कोरोनावायरस के संक्रमण को रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देश में 21 दिन के लॉकडाउन का ऐलान किया है.

Coronavirus के खिलाफ 'महाभारत' : PM मोदी ने उतारे अपने चार पुराने 'हथियार' जिनसे मिली थी उन्हें 'विजय'

Coronavirus : मोदी सरकार ने 1 लाख 70 हजार करोड़ की आर्थिक मदद का ऐलान किया है

खास बातें

  • Covid19 के खिलाफ पीएम मोदी ने इस्तेमाल किए पुराने हथियार
  • चार योजनाओं के जरिए दी जाएगी मदद
  • Coronavirus के खिलाफ महाभारत जारी
नई दिल्ली:

कोरोनावायरस (Coronavirus) के संक्रमण को रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देश में 21 दिन के लॉकडाउन का ऐलान किया है. पीएम मोदी की ओर से किए गए इस फैसले के बाद बड़ी समस्या आ रही थी कि दिहाड़ी मजदूर, कामगार और कम सैलरी वाले नौकरीपेशा लोगों का घर कैसे चलेगा.कोरोना (Covid19)  के प्रकोप के बीच दूसरी ओर रबी की फसल भी खेतों में तैयार खड़ी है जिससे किसानों को भी खासी दिक्कत झेलने पड़ सकती है. आप इस बात से अंदाजा लगा सकते हैं कि दिल्ली, जयपुर और तमाम शहरों में काम करने वाले दिहाड़ी मजदूर काम बंद होने की वजह से घरों की ओर पैदल ही जा रहे हैं. ट्रेनें बंद हैं इसलिए पैदल ही इन लोगों ने जाने का फैसला कर लिया है. लेकिन दिक्कत यह है कि इनके पास खाने के भी पैसे नही है. इसको देखते हुए नरेंद्र मोदी सरकार में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 लाख 70 हजार के आर्थिक पैकेज का ऐलान किया है. जिससे ऐसे गरीब, मजदूरों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. खास बात ये है कि इस राशि का वितरण सरकार उन्हीं योजनाओं के जरिए करेगी जिनका बखान पीएम मोदी ने लोकसभा चुनाव 2019 में खूब किया था.

1-जनधन खाते में डाले जाएंगे पैसे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह एक महत्वाकांक्षी योजना है. इसमें जीरे बैलेंस पर लोगों के खाते खुलवाए गए थे. इसका उद्देश्य यह था कि लोगों को ज्यादा से ज्यादा खासकर गरीब तबके के लोगों को बैंकिंग व्यवस्था जोड़ना था. बड़ी संख्या में इस योजना से लोग जुड़े हैं और सरकार के पास इसका भी डाटा है कि कौन सा खाताधारक किस तबके का है. वित्त मंत्री  ने ऐलान किया कि 20 करोड़ जनधन खाताधारक महिलाओं को अगले तीन महीने तक 500 रुपये महीने दिए जाएंगे, ताकि घर की जरूरतें पूरी करने उनकी मदद हो सके. 

2-उज्जवला योजना
साल 2017 में शुरू की इस योजना का मकसद गरीब परिवारों को एलपीजी सिलेंडर देना था. पीएम मोदी की इस योजना ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी की जीत में बड़ी भूमिका निभाई थी. चुनावों में पीएम मोदी ने इस योजना का भी जमकर प्रचार करते रहे हैं. वित्तमंत्री ने कहा है कि उज्ज्वला योजना से जुड़े परिवारों को अगले तीन महीने तक रसोई गैस सिलेंडर मुफ्त मिलेगा. इससे 8.3 करोड़ गरीब परिवारों को लाभ होगा.

3-प्रधान मंत्री किसान सम्मान योजना
यह योजना लोकसभा चुनाव 2019 के ठीक पहले शुरू हुई थी. इस योजना मकसद किसानों को साल में 6 हजार रुपये की आर्थिक मदद देना है. यह राशि 2000 रुपये की किश्त में साल भर दी जाती है. लोकसभा चुनाव में वोटिंग से ठीक पहले 2000 रुपये किसानों में खाते डाल दिए गए थे. इस योजना ने भी चुनावी रुख बीजेपी के पक्ष में बदलने में बड़ी भूमिका निभाई थी. आज वित्त मंत्री ने कहा है कि लॉकडाउन को देखते हुए प्रधान मंत्री किसान सम्मान योजना की जो राशिस अगले वित्त वर्ष में मिलने वाली थी उसे अप्रैल के पहले ही हफ्ते में डाल दी जाएगी. इससे 8.69 करोड़ किसानों को फायदा होगा. 

4-पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना 
इस योजना के तहत से 80 करोड़ गरीबों को अगले 3 महीने तक 5 किलो चावल, गेहूं देने का निर्णय किया है.  इसके अलावा, एक किलो दाल का भी प्रावधान है.  आपको जानकर हैरानी की होगी इस योजना की शुरुआत काला धन लाने के लिए की गई थी. इसके मुताबिक जिन लोगों के पास काला धन वह इस योजना के तहत से जुड़कर अपना 50 फीसदी पेनाल्टी और टैक्स चुका कर बिना सजा पाए बच सकते हैं. 

आयुष्मान योजना पर भी विचार जारी है इस योजना को भी लोकसभा चुनाव 2019 से पहले शुरू किया गया था. इसमें मुताबिक गरीब परिवार के किसी भी सदस्य के इलाज का 5 लाख रुपये तक का खर्च केंद्र सरकार उठाएगी.  हालांकि इसमें कुछ हिस्सा राज्य सरकारों का भी होगा. इस पर केंद्र सरकार विचार कर रही है कि कोरोना संक्रमण को इस योजना के दायरे में लाना चाहिए और इस पर जल्द ही कोई फैसला हो सकता है. अगर ऐसा होता है तो गरीब तबके इलाज में बड़ी सहूलियत मिल जाएगी.  इसके अलावा केंद्र सरकार की ओर से मनरेगा के तहत मजदूरी को बढ़ाकर 182 रुपये से 202 रुपये कर दिया गया है. कोरोना वायरस के इलाज में लगे डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों  को 50 लाख रुपये का मेडिकल इंश्योरेंस कवर दिया जाएगा. वहीं सरकार अगले तीन महीने तक छोटे उद्योगों के कर्मचारी और नियोक्ता दोनों के ईपीएफ में किये जाने वाले योगदान का भुगतान करेगी. इस कदम से संगठित क्षेत्र के 4.8 करोड़ कर्मचारियों को लाभ होगा. यह योगदान उन नियोक्ताओं और कर्मचारियों के लिये किया जायेगा जिनका वेतन 15,000 रुपये मासिक तक होगा.  तीन करोड़ गरीब वृद्धों, गरीब विधवाओं तथा गरीब दिव्यांगों को एक-एक हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की भी घोषणा की गई.  दरअसल इस आर्थिक पैकेज के पीछे यह भी उद्धेश्य यह भी है कि आम जनता जो को हर तरह से मदद आसानी से मिलती रही है जिससे शहरों, गांवों और कस्बों में अफरातफरी का माहौल न रहे और लॉकडाउन के जरिए कोरोना वायरस के चक्र को तोड़ा जा सके. 

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