छह जुलाई को मंदसौर से निकलेगी देशव्यापी किसान यात्रा, संगठनों में एकता का प्रयास

दिल्ली में करीब सौ संगठनों की अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति गठित की गई

छह जुलाई को मंदसौर से निकलेगी देशव्यापी किसान यात्रा, संगठनों में एकता का प्रयास

दिल्ली में शुक्रवार को अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति का गठन किया गया.

खास बातें

  • अब देश भर में किसानों के साझा आंदोलन की तैयारी
  • स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करने की मांग
  • संगठनों ने कहा- किसानों का पूरा कर्ज़ माफ किया जाए
नई दिल्ली:

शुक्रवार को देश भर के लगभग 100 छोड़े-बड़े किसान संगठनों ने मिलकर आंदोलन करने का फैसला लिया. दिल्ली के गांधी शांति प्रतिष्ठान में एक समन्वय समिति का गठन किया गया जिसका नाम अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति रखा गया है. समिति ने छह जुलाई को मंदसौर से देश भर में कर्ज़ माफी को लेकर पद यात्रा करने फैसला लिया है.

उधर शुक्रवार को किसान संगठनों ने देश भर के नेशनल हाइवे तीन घंटे के लिए जाम रखने का ऐलान किया. पुलिस उनको हटाने के लिए मशक्कत करती दिखी.

किसान संगठन अब लामबंद हो रहे हैं. अब उनकी एक साझा आंदोलन की तैयारी है. योगेंद्र यादव, तमिलनाडु के अय्यकन्नू, हनन मुल्ला राजस्थान के रामपाल, महाराष्ट्र के राजू शेट्टी जैसे नेताओं ने मांग की है कि स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू हों, किसान को फसल का सही मूल्य दिया जाए और किसानों का पूरा कर्ज़ माफ किया जाए.
 
अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति ने ऐलान किया है कि छह जुलाई से मंदसौर से देशव्यापी किसान यात्रा निकाली जाएगी. इस यात्रा का समापन दो अक्टूबर को चंपारण में होगा. सांसद और किसान नेता राजू शेट्टी का कहना है कि "हम यात्रा निकालेंगे मंदसौर से जहां किसानों की हत्या हुई. सबको एक करेंगे, गांव-गांव जाकर किसानों का जोड़ने का काम करेंगे."

यह संगठन एकता का प्रयास तो जरूर कर रहे हैं लेकिन सबमें समन्वय बनाकर रखना एक बड़ी चुनौती होगी क्योंकि भारतीय किसान यूनियन ने ऐलान किया है कि 21 जून योग दिवस के दिन वह देशव्यापी चक्का जाम करेगा. ऐसे में सारे संगठन एक सुर में बोलें यह थोड़ा मुश्किल ही लगता है.

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