आईएनएक्स मीडिया मामले में अदालत ने कार्ति के सीए को दी जमानत 

अदालत ने कहा कि एस भास्कर रमण के खिलाफ इसके अलावा कोई अन्य स्पष्ट आरोप नहीं हैं कि उन्होंने अपराध में पूर्व केन्द्रीय मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति की मदद की.

आईएनएक्स मीडिया मामले में अदालत ने कार्ति के सीए को दी जमानत 

प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली:

दिल्ली की एक विशेष अदालत ने आईएनएक्स मीडिया मनी लॉउंड्रिंग केस में गिरफ्तार चार्टर्ड एकाउंटेंट एस भास्कर रमण को आज जमानत दे दी. एस भास्कर रमण पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम के सीए रहे हैं. अदालत ने कहा कि एस भास्कर रमण के खिलाफ इसके अलावा कोई अन्य स्पष्ट आरोप नहीं हैं कि उन्होंने अपराध में पूर्व केन्द्रीय मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति की मदद की. विशेष न्यायाधीश सुनील राणा ने भास्कर रमण को जमानत पर रिहा करने का आदेश देते हुए कहा कि व्यक्तिगत आजादी अनमोल है और जमानत को सजा के रूप में रोक कर नहीं रखा जा सकता.

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न्यायाधीश ने कहा कि  हमारे संविधान के अनुसार व्यक्तिगत आजादी अनमोल है और मुकदमे का सामना करने के बाद दोषी साबित होने तक किसी भी व्यक्ति को निर्दोष माना जाना चाहिए. और इसी आधार पर उसे जमानत देना जरूरी है.  जमानत का उद्देश्य सुनवाई में आरोपी की उपस्थिति सुनिश्चित करना होता है और जमानत को सजा के तौर पर रोक कर नहीं रखा जा सकता. गौरतलब है कि अदालत ने भास्कर रमण को दो लाख रुपये का जमानती मुचलका भरने व इतनी ही राशि का एक जमानतदार देने का निर्देश दिया है.

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इसके अलावा, अदालत ने भास्कर रमण को बिना अनुमति देश छोड़कर नहीं जाने और इस मामले के तथ्यों से परिचित किसी भी व्यक्ति को धमकी नहीं देने का निर्देश दिया। भी दिया है. ध्यान हो कि भास्कर रमण को16 फरवरी को राजधानी के एक पांच सितारा होटल से गिरफ्तार किया गया था.