दिल्ली में COVID-19 ने तोड़ा बीते दो महीने का रिकॉर्ड, 3 जुलाई के बाद सबसे ज्यादा नए मामले

दिल्ली में कोरोना के 2509 नए मामले सामने आए, कुल मामले 1,79,569 हो गए, संक्रमण दर 8.7 फीसदी और रिकवरी रेट 88.31 फीसदी हो गया

दिल्ली में COVID-19 ने तोड़ा बीते दो महीने का रिकॉर्ड, 3 जुलाई के बाद सबसे ज्यादा नए मामले

प्रतीकात्मक तस्वीर

नई दिल्ली:

Delhi Coronavirus Update: दिल्ली में कोरोना ने बीते दो महीने का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. तीन जुलाई के बाद आज दो अगस्त को सबसे ज्यादा नए मामले सामने आए हैं. जबकि दिल्ली में एक दिन में अब तक के सबसे ज्यादा टेस्ट हुए हैं. दिल्ली में बुधवार को समाप्त 24 घंटे में कोरोना के 2509 मामले सामने आए हैं. कुल मामले 1,79,569 हो गए हैं. संक्रमण दर 8.7 फीसदी और रिकवरी रेट 88.31 फीसदी हो गया है.

दिल्ली में अब सक्रिय मरीज़ों की दर 9.18 फीसदी और कोरोना का डेथ रेट 2.49 फीसदी है. पिछले 24 घंटे में कोरोना के 2509 मामले सामने आए हैं और इसके साथ कुल मामले 1,79,569 हो गए हैं. पिछले 24 घंटे में 19 मरीजों की मौत हुई और कुल मौतों का आंकड़ा 4481 हो गया. 

दिल्ली में पिछले 24 घंटे में 1858 कोरोना संक्रमित मरीज ठीक हुए हैं और अब तक कुल 1,58,586 लोग ठीक हो चुके हैं. कोरोना के एक्टिव केस 16,502 हैं. होम आइसोलेशन में 8407 मरीज हैं. दिल्ली में पिछले 24 घंटे में 28,835
(RT-PCR- 7870, एंटीजन- 20,965) टेस्ट हुए हैं. अब तक कुल 16,36,518 टेस्ट हो चुके हैं.

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देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. इसी बीच, एनडीटीवी को बहुत मुश्किल से कोरोना वायरस टेस्टिंग को लेकर कुछ ताजा आंकड़े मिले हैं. ये आंकड़े दर्शाते हैं कि भारत ने अचानक से कम विश्वसनीय रैपिड एंटीजन टेस्ट (RAT) का इस्तेमाल बढ़ा दिया है. कोरोना वायरस के परीक्षण के लिए RT-PCR टेस्ट को "गोल्ड स्टैंडर्ड" माना जाता है क्योंकि एंटीजन टेस्ट की तुलना में इसके रिजल्ट ज्यादा सटीक हैं. 

आंकड़ों के मुताबिक, दो महीने पहले तक भारत में जितने टेस्ट किए गए थे उनमें 98 प्रतिशत टेस्ट RT-PCR से हुए थे. आज करीब-करीब आधे एंटीजन टेस्ट किए जा रहे हैं. भारत में केवल 56 प्रतिशत पीसीआर टेस्ट हो रहे हैं जबकि एंटीजन टेस्ट की हिस्सेदारी 2 प्रतिशत से बढ़कर 44 प्रतिशत हो गई. 

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चूंकि एंटीजन टेस्ट में त्रुटि संभावना ज्यादा है. कई मामलों में रैपिड एंटीजन टेस्ट कोरोना पॉज़िटिव मरीजों को भी निगेटिव बताता है. इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने भी इस समस्या की पहचान की है. ऐसे में यदि केवल आरटी-पीसीआर टेस्ट का इस्तेमाल किया जाए तो कोरोना पॉज़िटिविटी दर के बढ़ने की आशंका है. 

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रैपिड एंटीजन टेस्ट या RAT टेस्ट की भूमिका को लेकर कोई दुविधा नहीं है कि इसका इस्तेमाल संक्रमितों की पहचान के लिए किया जा रहा है. हालांकि, यदि एंटीजन टेस्ट का रिजल्ट निगेटिव आता है तो उसे गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए. हो सकता है कि जिस व्यक्ति का एंटीजन टेस्ट करने पर रिपोर्ट निगेटिव आई हो वो वास्तव में कोरोना संक्रमित हो.