कोरोनावायरस वैक्सीन कार्यक्रम की प्रगति को लेकर PM मोदी की अध्यक्षता में हुई महत्वपूर्ण बैठक

देश में जारी कोरना संकट के बीच कोरोनावायरस वैक्सीन कार्यक्रम (Coronavirus Vaccine Program) की प्रगति को लेकर में पीएम नरेंद्र मोदी (PM Modi) की अध्यक्षता में आज महत्वपूर्ण बैठक हुई.

कोरोनावायरस वैक्सीन कार्यक्रम की प्रगति को लेकर PM मोदी की अध्यक्षता में हुई महत्वपूर्ण बैठक

पीएम मोदी

नई दिल्ली:

देश में जारी कोरना संकट के बीच कोरोनावायरस वैक्सीन कार्यक्रम (Coronavirus Vaccine Program) की प्रगति को लेकर में पीएम नरेंद्र मोदी (PM Modi) की अध्यक्षता में आज महत्वपूर्ण बैठक हुई.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोनावायरस की वैक्सीन के विकास,जांच और टेस्टिंग को लेकर बनाई गई टास्क फोर्स की मीटिंग की अध्यक्षता की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में कोरोनावायरस की वैक्सीन के विकास, जांच और टेस्टिंग को लेकर मौजूदा स्थिति का जायजा लिया और विस्तृत जानकारी ली.

भारतीय कंपनियां दुनिया भर में अपनी गुणवत्ता, मैन्युफैक्चरिंग की क्षमता के लिए जानी जाती हैं और अब वे वैक्सीन के विकास के शुरुआती चरण में अपने नए विचार लेकर सामने आई हैं,सिर्फ यही नहीं भारत के अकादमिक जगत ने भी इसमें योगदान दिया है. 30 तरह की ऐसी वैक्सीन हैं जिन पर  अलग-अलग चरणों में काम चल रहा है और ट्रायल चल रहा है.

ड्रग के विकास में तीन तरह से काम किया जा रहा है. पहला, मौजूदा जो ड्रग हैं उन पर दोबारा से काम किया जा रहा है. कम से कम चार ऐसे ड्रग हैं जिन का परीक्षण किया जा रहा है. दूसरा, नई तरह के ड्रग्स बनाए जा रहे हैं और साथ में प्रयोगशाला में उनकी जांच की जा रही है. तीसरा, पौधों में कोरोनावायरस विरोधी तत्व ढूंढे जा रहे हैं जिनसे वैक्सीन बनाने में मदद ली जा सकती है. इस दिशा में कई अकादमिक शोध संस्थान कार्य कर रहे हैं. साथ ही कई स्टार्टअप भी अपना योगदान दे रहे हैं. एंटीबॉडी जांच की दिशा में काम किया जा रहा है. देशभर की प्रयोगशालाओं को जोड़ा गया है जिससे उन सबकी क्षमता का इस्तेमाल इस वैक्सीन को बनाने में किया जा सके.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अकादमिक जगत, उद्योग जगत और सरकार के एक साथ काम करने की तारीफ की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इच्छा व्यक्ति की कि परस्पर सामंजस्य और गति के साथ वैक्सीन विकसित करने की दिशा में काम किया जाए. 

पीएम मोदी ने कंप्यूटर साइंस, केमिस्ट्री और बायोटेक्नोलॉजी के वैज्ञानिकों के एक साथ काम करने की प्रशंसा की. प्रधानमंत्री ने इस विषय पर एक हैकाथॉन आयोजित करने का सुझाव दिया. पीएम मोदी ने कहा कि जिस तरह भारतीय वैज्ञानिक एक साथ आए हैं वह दिल को छू लेने वाला है और यह आगे भी बरकरार रहना चाहिए. इसी तरह भारत दुनिया में विज्ञान के क्षेत्र में पहला स्थान हासिल कर सकता है.