दिल्‍ली: बुजुर्ग को कोविड-19 के इलाज के लिए अस्‍पतालों ने भर्ती करने से किया इनकार, कोर्ट की सुनवाई के पहले हुई मौत

यह 80 वर्षीय बुजुर्ग 5 मई को बीमार हो गए थे और उन्‍हें पूर्वी दिल्ली के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया था. परिवारजनों को आरोप है कि स्टाफ की लापरवाही के कारण यहीं उन्‍हें कोरोना वायरस संक्रमण में 'जकड़' लिया था.

दिल्‍ली: बुजुर्ग को कोविड-19 के इलाज के लिए अस्‍पतालों ने भर्ती करने से किया इनकार, कोर्ट की सुनवाई के पहले हुई मौत

परिजनों ने इस मामले में हाईकोर्ट से दखल की मांग की थी

नई दिल्‍ली:

Coronavirus Pandemic: एक 80 वर्षीय बुजुर्ग की कोरोना वायरस (Corona virus)के संक्रमण के कारण मौत हो गई. गौरतलब है कि इस बुजर्ग को कथित तौर पर COVID-19 उपचार के लिए कई अस्पतालों में प्रवेश से इनकार किए जाने के बाद इस सप्ताह दिल्ली हाईकोर्ट (High Court) का दरवाजा खटखटाना पड़ा था, लेकिन मामले की सुनवाई हो पाती इसके पहले ही उनकी मौत हो गई. याचिका के अनुसार, यह 80 वर्षीय बुजुर्ग 5 मई को बीमार हो गए थे और उन्‍हें पूर्वी दिल्ली के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया था. परिवारजनों को आरोप है कि स्टाफ की लापरवाही के कारण यहीं उन्‍हें कोरोना वायरस संक्रमण में 'जकड़' लिया था. जबरन शुल्क वसूलने के लिए वेंटिलेटर पर रखने के बाद इस निजी अस्पताल ने कथित तौर पर याचिकाकर्ता के बेटे को यह कहते हुए दूसरी संस्था में शिफ्ट करने के लिए मजबूर किया कि यह अस्‍पताल कोरोना वायरस रोगियों के इलाज के लिए उपकरणों से सज्जित नहीं है.

हालांकि शहर के कई अस्पतालों से संपर्क करने के बावजूद भी इस बुजुर्ग को समय पर प्राइवेट या निजी अस्‍पताल में बेड नहीं मिल सका था. अनिल ने NDTV को बताया कि दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), मैक्स अस्पताल, सर गंगा राम अस्पताल, राजीव गांधी अस्पताल ने यह कहते हुए उन्‍हें एडमिट करने से इनकार कर दिया था कि जगह खाली नहीं है.

परिवार ने आखिरकार दिल्ली हाईकोर्ट से हस्तक्षेप का आग्रह करने का फैसला किया था. परिवार ने बुधवार को एक याचिका दायर की थी जिसमें एक सरकारी अस्पताल में वेंटिलेटर के साथ बेड और बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) कार्ड के तहत मुफ्त इलाज की मांग की गई थी. हालांकि, मामले की सुनवाई होने से पहले उसी दिन इस शख्‍स की मौत हो गई थी. इस शख्‍स का बेटे, जो साइकिल रिपेयरिंग की दुकान चलाते हैं, ने बताया कि अब उनके पास 2 लाख रुपये का कर्ज है जो उन्होंने इलाज के लिए रिश्तेदारों से उधार लिया था. उन्‍होंने कहा, "हम हर जगह गए, डॉक्टर, आम आदमी पार्टी के नेता और भाजपा, सबने हमसे झूठ बोला, उन्हें दंडित किया जाना चाहिए." गौरतलब है कि देश की राजधानी दिल्‍ली में पिछले कुछ दिनों में कोरोना के केसों की संख्‍या बढ़ी है ओर शहर में कोरोना के मामलों की संख्‍या 25,000 के आंकड़े को पार कर चुकी है.

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