स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय का दावा, आबादी के लिहाज से देश में कोरोना वायरस से मौतें सबसे कम..

मंत्रालय के अनुसार, हमारे यहां 538 मामले/ मिलियन है जबकि दूसरे देशों में ये ये 16-17 गुना तक ज़्यादा है. भारत में प्रति मिलियन 15 मौत हुई हैं जबकि दूसरे देशों में 40 गुना तक ज़्यादा है. एक्टिव केस से रिकवर मरीज़ की संख्या 1.75 गुना है.आईसीएमआर के अनुसार, देश में औसतन प्रतिदिन 2.6 लाख से ज्यादा नमूनों की जांच की जा रही है. 

स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय का दावा, आबादी के लिहाज से देश में कोरोना वायरस से मौतें सबसे कम..

भारत में कोरोना के केसों की संख्‍या साढ़े सात लाख के ऊपर पहुंच गई है (प्रतीकात्‍मक फोटो)

नई दिल्ली:

Coronavirus Pandemic: केंद्र सरकार के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय (Health Ministry) ने कहा है कि भारत में प्रति 10 लाख की आबादी पर कोविड-19 के मामले और उससे होने वाली मौतें दुनिया में सबसे कम है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आंकड़ों की ओर इशारा करते हुए सरकार ने कहा कि अगर प्रति मिलियन (10 लाख) संक्रमण की दर की गणना की जाए तो भारत में अभी भी कोरोना मामलों की संख्या (Coronavirus Cases in India) बेहद कम है. कोरोना के केसों के मामले में अमेरिका और ब्राजील के बाद तीसरे स्‍थान पर भारत का स्‍थान आता है.स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि देश में संक्रमण मुक्त हुए लोगों की संख्या इलाज करा रहे लोगों के मुकाबले 1.75 गुना ज्यादा है.

मंत्रालय के अनुसार, हमारे यहां 538 मामले/ मिलियन है जबकि दूसरे देशों में ये ये 16-17 गुना तक ज़्यादा है. भारत में प्रति मिलियन 15 मौत हुई हैं जबकि दूसरे देशों में 40 गुना तक ज़्यादा है. एक्टिव केस से रिकवर मरीज़ की संख्या 1.75 गुना है.आईसीएमआर के अनुसार, देश में औसतन प्रतिदिन 2.6 लाख से ज्यादा नमूनों की जांच की जा रही है. 

स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय के अनुससार, देश में कोविड-19 से हुई 53 प्रतिशत मौतें देश की जनसंख्या के 10 प्रतिशत (60 साल या उससे ज्यादा आयु के लोग) लोगों में से हुई हैं  स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने मीडिया ब्रीफिंग में बताया, "हम दुनिया में दूसरी सबसे अधिक आबादी वाले हैं. जब भी हम एक्टिव मामलों, कुल मामलों और मौतों की संख्या की बात करें तो हमें देश की आबादी का ध्यान में रखना चाहिए." उन्‍होंने कहा कि 1.3 अरब की आबादी के बावजूद, भारत वायरस के अपेक्षाकृत अच्‍छी तरह से 'नियंत्रित' करने में सफल रहा है.

कोरोना वेक्‍सीन केा लेकर उन्‍होंने कहा कि आईसीएमआर के डीजी की ओर से लेटर का आशय था कि बिना safety से समझौता किए वैक्‍सीन ट्रायल में तेजी लाई जाए. हम जल्द से जल्द हम वैक्सीन लाना चाहते हैं. आज वैक्सीन की जरूरत है. अगर हम परंपरागत तौर पर जाएंगे तो  2 साल का वक़्त लगेगा. इसके पीछे बस काम में तेजी लाने के मकसद से मकसद था. कोरोना के हवा के संक्रमण के मुद्दे पर उन्‍हांने कहा कि हमने बहुत पहले से ही 2 गज की दूरी या 6 फीट की दूरी की बात कहीं है. जो आपको प्रोटेक्ट करता है छोटे droplet से जो हवा में लंबे समय तक हो सकते हैं और जिनके air borne की बात हो रही है, हमारी नजर इस पर है.मंत्रालय की ओर से साफ किया गया कि भारत में कम्युनिटी ट्रांसमिशन नहीं है.

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