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झारखंड में बीफ ले जाने के शक में एक शख्स को भीड़ ने पीट-पीट कर मार डाला

झारखंड के रामगढ़ में भीड़ ने एक आदमी को बीफ रखने के आरोप में पीट-पीट कर मार डाला. भीड़ ने उसकी वैन में भी आग लगा दी. उधर, पुलिस ने दावा किया है कि उसने हत्यारों की पहचान कर ली है.

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झारखंड में बीफ ले जाने के शक में एक शख्स को भीड़ ने पीट-पीट कर मार डाला

पीएम मोदी ने भीड़ गुजरात में कहा था कि गोभक्ति के नाम पर लोगों की हत्या स्वीकार नहीं की जाएगी

खास बातें

  1. रामगढ़ जिले में अलीमुद्दीन उर्फ असगर अंसारी हुआ भीड़ का शिकार
  2. पुलिस का दावा यह हत्या सुनियोजित थी, हत्यारों की पहचान की गई
  3. दो दिन पहले गिरिडीह जिले में बना था एक आदमी शिकार
रांची: देश में भीड़ द्वारा हत्या करने के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. गुरुवार को जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात में गोरक्षा के नाम पर हो रही हत्याओं की निंदा कर रहे थे, ठीक उसी समय बीजेपी शासित झारखंड में तथाकथित गोरक्षकों ने बीफ रखने के आरोप में एक आदमी की पीट-पीट कर हत्या कर दी. यह घटना झारखंड के रामगढ़ जिले की है. बीते तीन दिनों के भीतर झारखंड में इस तरह का यह दूसरा मामला है. दो दिन पहले गिरिडीह जिले में एक भीड़ ने एक घर में गाय का सिर पाए जाने के बाद घर के मालिक की पिटाई की थी और घर में आग लगा दी थी. 

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, अलीमुद्दीन उर्फ असगर अंसारी एक मारुति वैन में मांस ले जा रहा था. तभी किसी ने अफवाह फैला दी कि वैन में बीफ है. लोगों के एक समूह ने बाजरटांड गांव में असगर को रोका और उस पर बेरहमी से हमला कर दिया उसकी वैन में आग लगा दी. पुलिस ने उसे भीड़ से बचाया और अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक आर.के.मलिक ने कहा कि यह सुनियोजित हत्या है. उन्होंने बताया कि असगर के खिलाफ बच्चे को अगवा करने और हत्या करने का आरोप पत्र दाखिल किया गया था. उन्होंने कहा कि बीफ के व्यापार में शामिल कुछ लोगों ने उसकी हत्या की साजिश रची. पुलिस ने बताया कि हत्यारों की पहचान कर ली गई है.

इससे पहले आज, पीएम नरेंद्र मोदी ने भीड़ की हिंसा को गलत ठहराते हुए गुजरात में कहा था कि गोरक्षा के नाम पर हिंसा क्यों? मौजूदा हालातों पर पीड़ा होती है. गाय की सेवा ही गाय की भक्ति है. गोरक्षा के नाम पर हिंसा ठीक नहीं है. देश को अहिंसा के रास्ते पर चलना होगा. गोभक्ति के नाम पर लोगों हत्या स्वीकार नहीं की जाएगी. अगर वह इंसान गलत है तो कानून अपना काम करेगा, किसी को भी कानून हाथ में लेने की जरूरत नहीं है. हिंसा समस्या का समाधान नहीं है. 
 


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