पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड हुआ ढेर तो CRPF ने कहा- ...हम छोड़ेंगे नहीं

पुलवामा में हुए आतंकी हमले के मुख्य साजिशकर्ता मुदस्सिर अहमद के मारे जाने के बाद सीआरपीएफ ने ट्वीट कर कहा- हम छोड़ेंगे नहीं.

पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड हुआ ढेर तो CRPF ने कहा- ...हम छोड़ेंगे नहीं

पुलवामा में 14 फरवरी को हुए आतंकी हमले में शहीद हुए थे सीआरपीएफ के 40 जवान.

नई दिल्ली:

पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद भारत की ओर से बालाकोट में की गई एयर स्ट्राइक के बाद से सेना और सीआरपीएफ न केवल अपने जवानों का मनोबल बढ़ानेबल्कि जनता को भी पुख्ता सुरक्षा का भरोसा दे रहीं हैं. इसके लिए सोशल मीडिया का भी सहारा लिया जा रहा है. कविताओं और पंचलाइन के जरिए सेना और सीआरपीएफ के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से किए ट्वीट सोशल मीडिया पर खूब वायरल भी हो रहे हैं. हाल में जब जम्मू कश्मीर के त्राल में मुठभेड़ के दौरान पुलवामा के आतंकी हमले का मुख्य साजिशकर्ता मुदस्सिर अहमद मारा गया तो सीआरपीए ने ट्वीट कर कहा- हम बख्शेंगे नहीं- सीआरपीएफ, सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में पुलवामा हमले के मुख्य साजिशकर्ता मुदस्सिर अहमगद और दो अन्य जैश आतंकी त्राल में मारे गए.

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गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के पुलवामा (Pulwama Terror Attack) में 14 फरवरी को सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकी हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे.अधिकारियों ने बताया कि पुलवामा जिले के त्राल के पिंग्लिश क्षेत्र में रविवार रात हुई मुठभेड़ के दौरान जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammad) का आतंकवादी मुदासिर अहमद उर्फ ‘मोहम्मद भाई' मारे गए तीन आतंकवादियों में से एक है. उन्होंने बताया कि इन तीनों आतंकवादियों का शव बुरी तरह से जल गया है जिसके कारण उनकी पहचान नहीं हो पाई. हालांकि उनकी पहचान के प्रयास जारी हैं.पिंग्लिश क्षेत्र में आतंकवादियों की मौजूदगी की विशेष खुफिया इनपुट मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने क्षेत्र की घेराबंदी करके तलाशी अभियान शुरू कर दिया.

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यह अभियान उस समय मुठभेड़ में बदल गया जब सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी करके तलाशी अभियान शुरू की.अधिकारियों ने रविवार को बताया कि जैश के आतंकवादी खान की पहचान पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हमला करने का षडयंत्र करने वाले के रूप में हुई थी. इस हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे. इस हमले की जांच में अब तक जुटाए गए सबूतों के मुताबिक सुरक्षाबलों ने बताया कि 23 साल का खान पेशे से इलेक्ट्रिशियन था और स्नातक पास था. वह पुलवामा का रहनेवाला था और उसने ही आतंकी हमले में इस्तेमाल किए गए वाहन और विस्फोटक का इंतजाम किया था.

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