CWC की बैठक में 'बगावती खत' को लेकर भड़के राहुल, जानिए किसने क्या कहा

पार्टी नेतृत्व को लेकर कांग्रेस की कार्यसमिति की बैठक में सोमवार को कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इस्तीफे की बात रखी है. लेकिन राहुल गांधी और मनमोहन सिंह जैसे नेताओं ने उनसे पार्टी अध्यक्ष पद पर बने रहने का आग्रह किया है.

CWC की बैठक में 'बगावती खत' को लेकर भड़के राहुल, जानिए किसने क्या कहा

CWC बैठक में दिखा पार्टी में गतिरोध, राहुल ने चिट्ठी पर जताया गुस्सा.

नई दिल्ली: पार्टी नेतृत्व को लेकर कांग्रेस की कार्यसमिति की बैठक में सोमवार को कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इस्तीफे की बात रखी है. लेकिन राहुल गांधी और मनमोहन सिंह जैसे नेताओं ने उनसे पार्टी अध्यक्ष पद पर बने रहने का आग्रह किया है. कांग्रेस के लगभग 20 वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी में पूर्णकालिक अध्यक्ष की मांग की थी और पार्टी में बड़े बदलाव लाने को लेकर एक चिट्ठी भी लिखी थी, जिसको लेकर राहुल गांधी मीटिंग में बहुत गुस्से में नज़र आए. साफ है कि नेतृत्व की मांग को लेकर पार्टी के अंदर दो धड़े बंट चुके हैं. सूत्रों के हवाले से खबर है कि वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए हुई इस मीटिंग में कई नेताओं ने सोनिया से पद पर बने रहने का आग्रह किया है.

मामले से जुड़ी अहम जानकारियां :

  1. सोनिया गांधी ने CWC की बैठक शुरू होने के बाद कांंग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि वो अब पद पर बने रहना नहीं चाहतीं और पार्टी उनकी जगह किसी ओर को नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू करें. 

  2. उनके इस्तीफे की बात कहने के बाद सबसे पहले पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इसका विरोध किया. उन्होंने आग्रह किया कि वो पार्टी अध्यक्ष पद पर बनी रहें. सिंह ने चिट्ठी लिखने वाले नेताओं पर हमला किया. पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि चिट्ठी की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने कहा कि 'पार्टी के आलाकमान को कमजोर करना पार्टी को कमजोर करने के बराबर है.'

  3. वहीं, सूत्रों के मुताबिक, दूसरे सीनियर नेता एक एंटनी ने राहुल गांधी को पार्टी का अध्यक्ष बनाए जाने को लेकर समर्थन किया. एके एंटनी ने कहा, 'चिट्ठी से ज्यादा, चिट्ठी में लिखी गईं बातें क्रूर थीं' उन्होंने 'पार्टी के लिए सोनिया गांधी के बलिदानों' की बात भी की. उन्होंने राहुल गांधी से पार्टी अध्यक्ष का पद संभालने का आग्रह किया. 

  4. इस बैठक में राहुल गांधी नाराज़ नजर आए. उन्होंने चिट्ठी भेजे जाने को लेकर गुस्सा जताया. उन्होंने कहा कि जिस वक्त पत्र भेजा गया उस समय सोनिया गांधी बीमार थी. उन्होंने पत्र के समय पर सवाल उठाते हुए कहा कि 'जब कांग्रेस मध्य प्रदेश और राजस्थान के सियासी संकट का सामना कर रही थी, जब अध्यक्ष बीमार थी, तब ही चिट्ठी क्यों भेजी गई.'

  5. सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक राहुल गांधी ने इस चिट्ठी के पीछे बीजेपी का हाथ बताया है. उन्होंने इस चिट्ठी को लिखे जाने के इरादे के पीछे संदेह जताया है कि बीजेपी की सांठ-गांठ से उस समय पत्र लिखा गया जब पार्टी संघर्ष की स्थिति में थी.