पेथाई तूफानः बर्बाद हुई फसल को देखकर किसान को आया हार्टअटैक, खेत में ही तोड़ दिया दम

पेथाई तूफान से धान की फसल बर्बाद हुई तो आंध्र प्रदेश में किसान ने खेत में ही दम तोड़ दिया.

पेथाई तूफानः बर्बाद हुई फसल को देखकर किसान को आया हार्टअटैक, खेत में ही तोड़ दिया दम

आंध्र प्रदेश में किसान ने खेत में ही दम तोड़ दिया.

खास बातें

  • आंध्र प्रदेश में किसान की मौत
  • तूफान से फसल बर्बाद होने का मामला
  • आंध्र प्रदेश में तूफान ने मचाई व्यापक ताबाही
नई दिल्ली:

आंध्र प्रदेश में एक किसान ने खेत में ही मंगलवार को दम तोड़ दिया. पेथाई तूफान की वजह से पूरी फसल बर्बाद होने से किसान को गहरा सदमा पहुंचा था. राज्य में सोमवार को ही पूरे प्रदेश में आए इस तूफान ने किसानों पर कहर ढा दिया. खेत में किसान का शव पड़ा होने और उसे अन्य किसानों की ओर से घेरे होने की झकझोर देने वाली तस्वीर वायरल हो रही है. चिकित्सकों के मुताबिक, 69 वर्षीय धान किसान गोतिपल्ली चिन्नाराव की मौत श्रीकाकुलम जिले में हार्ट अटैक से हुई. दरअसल,तूफान के चलते भारी बारिश की खबर मिली तो किसान मेड़ों को तोड़कर खेत से पानी निकालने गया था. ताकि फसल कम से कम नुकसान हो. मगर खेत में जाने पर देखा कि पूरी फसल बर्बाद पड़ी है.  अधिक नुकसान को देखकर किसान सदमा बर्दाश्त नहीं कर सका. जिससे मौत हो गई. किसान के पास तीन बेटे और एक बेटी है.  

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बेटे कामेश्वर ने कहा-मेरे पिता को इससे पहले भी चक्रवात के कारण नुकसान सहना पड़ा था.गट्ठर बनाकर रखी फसल नम हो गई.वह फसल को बचाने की कोशिश किए मगर सदमे से मौत हो गई. एक अन्य किसान जी दिल्लेश्वराव ने कहा- चिन्नाराव ने दो एकड़ में फसल पैदा की थी. पूरी फसल नष्ट हो गई. उनके तीन बेटे और एक बेटी खेती-किसानी नहीं करते हैं, क्योंकि यह उनके लिए फायदमेंद नहीं है. वे सभी चेन्नई और हैदराबाद के लिए पलायन कर गए हैं. बाढ़ से फसलें नष्ट हो गईं हैं, इस नाते सरकार को मदद करनी चाहिए. 

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बता दें कि पेथाई तूफान के कारण पिछले 48 घंटे में खेतों में खड़ी 60, 000 एकड़ फसल नष्ट हो गई. राज्य में तूफान से एक व्यक्ति की मौत भी हो गई. मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने हवाई सर्वेक्षण कराने के बाद राज्य में 243 करोड़ के नुकसान की बात कही. ठीक दो महीने, तितली नामक चक्रवात ने नारियल, केले, कटहल आदि को काफी नुकसान पहुंचाया था. तूफान मंगलवार को ओडिशा पहुंचा और कई हिस्सों में भारी बारिश का सबब बना. करीब 11 हजार लोग सुरक्षित ठिकानों की तरफ कूच कर गए, वहीं किसानों को फसल सुरक्षित रखने के लिए सलाहें जारी कीं गईं हैं.