उना में दलितों ने ली मैला न उठाने की शपथ, सरकार को दिया महीने भर का वक्त

उना में दलितों ने ली मैला न उठाने की शपथ, सरकार को दिया महीने भर का वक्त

दलितों का प्रदर्शन...

खास बातें

  • मैला ढोने और जानवरों को दफनाने जैसे 'गंदे' काम न करने की शपथ ली
  • हर दलित परिवार को 5 एकड़ जमीन देने की मांग
  • पूरे देश में रेल रोको आंदोलन करने की धमकी
उना:

उना में करीब 10 हजार दलितों ने मैला ढोने और जानवरों को दफनाने जैसे 'गंदे' काम न करने की शपथ ली और सरकार को चेतावनी दी कि हर दलित परिवार को 5 एकड़ जमीन देने की मांग महीने भर में नहीं मानी गई तो पूरे देश में रेल रोको आंदोलन किया जाएगा.

दलितों को यह शपथ उनके आंदोलन की अगुवाई कर रहे जिग्नेश मेवाणी ने दिलाई. मेवाणी ने दलितों के समर्थन में प्रधानमंत्री मोदी के हाल में दिए गए बयानों को एक 'नाटक' करार दिया. 'प्रधानमंत्री जब विकास यात्रा निकाल रहे थे तो वक्त गुजरात में 3 दलित युवकों पर पुलिस ने गोली चलाई. तब मोदी जी ने क्यों नहीं कहा कि मुझ पर गोली चलाओ' मेवाणी ने मंच से कहा और लोगों ने ताली बजाई.

इस दलित सम्मेलन में दलित-मुस्लिम भाई-भाई के नारे भी लगे और गुजरात के कई इलाकों से आकर मुसलमानों ने दलितों के साथ एकजुटता की घोषणा की.

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(गुजरात के उना में दलित अस्मिता मार्च में लगे 'दलित मुस्लिम भाई भाई' के नारे)

उना में दलित छात्र रोहित वेमुला की मां राधिका वेमुला ने भी इस दलित अस्मिता यात्रा के समापन समारोह में हिस्सा लिया. राधिका वेमुला ने ही यहां तिरंगा फहराया.