दिल्ली में कोरोना से बढ़ती मौतों पर उठे सवाल, स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन बोले- पूरे देश के मुकाबले...

दिल्ली में पिछले कुछ हफ्तों से दिल्ली में कोरोनावायरस के केस लगातार बढ़ते हुए दिखाई दे रहे हैं, वहीं डेथ रेट भी बढ़ा हुआ दिख रहा है. ऐसे में स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन का कहना है कि दिल्ली में सबसे कम प्रतिशत में मौतें हो रही हैं.

दिल्ली में कोरोना से बढ़ती मौतों पर उठे सवाल, स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन बोले- पूरे देश के मुकाबले...

दिल्ली में कोरोना के डेथ रेट और ICU बेड की उपलब्धता पर उठ रहे हैं सवाल.

नई दिल्ली:

दिल्ली में पिछले कुछ हफ्तों से दिल्ली में कोरोनावायरस के केस (Coronavirus cases in Delhi) लगातार बढ़ते हुए दिखाई दे रहे हैं, वहीं डेथ रेट (Covid-19 Death Rate) भी बढ़ा हुआ दिख रहा है. ऐसे में स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन का कहना है कि दिल्ली में सबसे कम प्रतिशत में मौतें हो रही हैं. उन्होंने कहा कि 'डेथ परसेंटेज के हिसाब से है. हर दिन चार-साढ़े चार हजार केसेज आ रहे हैं. उसके हिसाब से डेथ केसेज में तेजी दिख रही है. लेकिन इसकी दर 0.75% है. पूरे देश के अंदर ही यह महामारी फैली हुई है. दिल्ली में तो सबसे कम प्रतिशत में मौत हो रही है.' उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार दूसरे राज्यों से यहां इलाज कराने वाले मरीजों की मौत के आंकड़े को अब अलग कर रही है, पहले यह एक साथ ही गिना जाता था.

उन्होंने कहा कि रविवार को दिल्ली में 3812 पॉजिटिव केस आए थे और कुल 52,405 टेस्ट हुए. कल की पॉजिटिविटी रेट 7.27% है. वहीं, 10 दिन की डेथ रेट 0.77% है. अभी तक के डेथ की रेट 2.02% है. अब तक 25 लाख से ज्यादा टेस्ट हो चुके हैं. उन्होंने प्लाज्मा की किल्लत पर कहा कि 'प्लाज्मा की कोई दिक्कत नहीं है. आईएलबीएस जा सकते हैं, वहां से प्लाज़्मा मिल सकता है, अभी कंफर्टेबल पोजीशन है, कोई दिक्कत नहीं है.'

उन्होंने आईसीयू बेड्स की कमी पर पर भी जवाब दिया. उन्होंने कहा कि 'जितने लोग बाहर से आ रहे हैं, वे पहले से मन बना कर आते हैं कि किस अस्पताल में जाना है, जिसका नाम उन्होंने सुना होता है, उसी के हिसाब से आते हैं. किसी को मैक्स जाना होता है, किसी को फोर्टिस जाना होता है. बाहर से आने वाले पेशेंट ज्यादातर आईसीयू वाले पेशेंट हैं. अभी ऐसे डेढ़ हजार से ज्यादा लोग एडमिट हैं, दिल्ली में बाहर के. तो इसकी वजह से कुछ बड़े अस्पतालों से ऐसी खबर आ रही है. लेकिन अभी भी हमारे पास एक हजार के करीब आईसीयू बेड उपलब्ध हैं.'

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उन्होंने बताया कि दिल्ली में जितने कुल लोग एडमिट हैं, उसके 30 फीसदी लोग बाहर के हैं. LNJP में मात्र 24 आईसीयू बेड हैं. उसमें वेंटिलेटर और बिना वेंटिलेटर दोनों तरह के आईसीयू बेड्स हैं. कोरोना ऐप में सब कुछ लाइव दिख रहा है. कोई भी इसके जरिए जान सकता है कि कितने बेड हैं.

ऐप के डाटा को लेकर आ रही शिकायतों पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि 'कई बार ऐसा होता है कि कोई एक व्यक्ति चार अस्पतालों में फोन करके बोलता है कि उसके लिए बेड रखें, लेकिन उस दौरान कोई दूसरा आ जाए, तो उसको बेड दे ही देंगे. कुल हजार के करीब बेड पिछले आठ-दस दिनों में बढ़ चुके हैं और 500 से ज्यादा आइसीयू बेड बढ़ाए जा चुके हैं और भी रोज बढ़ाए जा रहे हैं.'

उनसे पूछा गया कि कुछ राज्यों से लैब्स द्वारा कोविड टेस्टिंग में गड़बड़ी की शिकायतें आ रहीं हैं, क्या दिल्ली में भी ऐसा है? इस सवाल पर उन्होंने कहा कि 'दिल्ली में ऐसी कोई शिकायत नहीं है, देश के बाकी राज्यों में क्या है, उस पर हम कमेंट नहीं कर सकते.'

Video: कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच ICU बेड की किल्लत

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