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दिल्ली: ऑफिस देर से आने की वजह पूछी तो बाढ़ नियंत्रण और सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर ने गिना दिए इतने सारे कारण

दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल की ओर से कई बार अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि लेटलतीफी और काम में ढील बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

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दिल्ली: ऑफिस देर से आने की वजह पूछी तो बाढ़ नियंत्रण और सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर ने गिना दिए इतने सारे कारण

प्रतीकात्मक तस्वीर

खास बातें

  1. चीफ इंजीनियर ने गिनाए देर से आने के कारण
  2. बायोमैट्रिक रिकार्ड से पता लगा कि वो कई दिन देर से दफ्तर पहुंचे
  3. पीडब्ल्यूडी सचिव ने कारण बताओ नोटिस जारी किया था
नई दिल्ली:

दिल्ली सरकार के बाढ़ नियंत्रण और सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर ओपी श्रीवास्तव ने ऑफिस देर से पहुंचने के कई कारण गिना डाले. दरअसल पीडब्ल्यूडी के सचिव को बाढ़ नियंत्रण और सिंचाई विभाग में कार्यरत चीफ इंजीनियर ओपी श्रीवास्तव के देर से आने की कई शिकायत मिलीं. इसके बाद जब उनका बायोमैट्रिक रिकार्ड निकलवाया गया तो पता चला कई दिन वो देर से दफ्तर पहुंचे हैं. इस पर पीडब्ल्यूडी सचिव ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए तनख्वाह तक काटने की चेतावनी दी. इसके जवाब में चीफ इंजीनियर ओपी श्रीवास्तव ने दफ्तर देर से आने के कई कारण गिना डाले. 

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उन्होंने बताया, '1992 से बाढ़ नियंत्रण एवं सिंचाई में कार्यरत रहे हैं. कभी कोई नियम का उल्लंघन नहीं किया. दिसंबर महीने के बायोमिट्रिक मशीन में अनुपस्थिति इसलिए आ रही है क्योंकि मशीन मेरी उंगली के निशान को स्वीकार नहीं कर रही थी. दिसंबर 2018 में बायोमैट्रिक मशीन में मेरे उंगली को लेकर दिक्कत आ रही थी. इसकी शिकायत प्रशासनिक विभाग में भी की थी. बारिश के मौसम में चीफ इंजीनियर समेत ज्यादातर कर्मचारी ऑफिस टाइम से भी ज्यादा वक्त अपनी ड्यूटी निभाते रहते हैं. मीटिंग करने के वक्त का कभी कभी पता चल जाता है कभी कभी बिल्कुल उसी वक्त पता चलता है जब मीटिंग होती है इसीलिए ऑफिस आकर जाना संभव नहीं होता है. यमुना नदी से आईटीओ आने वाले रास्ते में काफी जाम रहता है इसलिए मीटिंग में देर होने की वजह से आफिस नहीं जा पाते हैं.'


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हालांकि दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल की ओर से कई बार अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि लेटलतीफी और काम में ढील बर्दाश्त नहीं की जाएगी. लेकिन सरकारी दफ्तरों में काम करने वाले अधिकारी इस तरह की बहानेबाजी करके बच निकलने का रास्ता खोज ही लेते हैं.



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