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दिल्ली हाई कोर्ट ने डीजीसीए से पूछा- क्या सुरक्षित हैं ए-320 नियो विमान?

उच्च न्यायालय ने नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) को भारत में उड़ान भर रहे ए-320 नियो विमानों की सुरक्षा और उड़ान योग्यता पर हलफनामा दाखिल करने को कहा

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दिल्ली हाई कोर्ट ने डीजीसीए से पूछा- क्या सुरक्षित हैं ए-320 नियो विमान?
नई दिल्ली:

दिल्ली उच्च न्यायालय ने नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) को मंगलवार को भारत में उड़ान भर रहे ए-320 नियो विमानों की विमान सुरक्षा नियमों के तहत सुरक्षा और उड़ान योग्यता पर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया.

महानिदेशालय से पूछा गया है कि जिन ए-320 नियो विमानों के उड़ान भरने पर रोक नहीं लगाई गई है क्या वह पूरी तरह सुरक्षित और उड़ान भरने योग्य हैं. डीजीसीए के मुताबिक इंडिगो और गोएयर के पास कुल 45 ए-320 नियो विमान हैं जिनमें से 14 के उड़ान भरने पर रोक लगी है. यह रोक इनमें लगे प्रैट एंड व्हिटनी के त्रुटिपूर्ण इंजनों के कारण लगी है. कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी हरि शंकर की पीठ इस मामले में एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी.

केरल के एक वकील यशंवत शिनॉय ने अपनी याचिका में मांग की है कि जब तक डीजीसीए इन विमानों के सुरक्षित होने को प्रमाणित नहीं कर दे तब तक सभी ए-320 नियो विमानों के उड़ान भरने पर रोक लगा दी जाए.


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गौरतलब है कि यदि ऐसा होता है तो इंडिगो और गोएयर का परिचालन मुश्किल हो जाएगा, जो पहले ही विमानों को खड़ा किए जाने से परेशान हैं. इसके चलते दोनों कंपनियों की करीब 600 उड़ानें रद्द की गईं हैं. शिनॉय ने अदालत को जानकारी दी कि पिछले 18 महीनों में इन विमानों में खराबी की करीब 100 घटनाएं सामने आई हैं. इसके बावजूद डीजीसीए ने मात्र 14 विमानों के उड़ान भरने पर ही रोक लगाई है. उनका दावा है कि इन विमानों को यूरोप और अमेरिका के हवाई क्षेत्र में उड़ान भरने की अनुमति नहीं है क्योंकि यह यूरोपीय विमानन सुरक्षा एजेंसी के मानकों पर खरे नहीं उतरते हैं.

डीजीसीए ने शिनॉय की दलील का विरोध करते हुए कहा कि इंजन विफल होने की घटना केवल 14 ए-320 नियो विमानों में देखी गई है और उन्हें खड़े रखने का आदेश पहले ही दिया जा चुका है. इस पर अदालत ने कहा कि यह सार्वजनिक जानकारी का मामला है ऐसे में डीजीसीए ही बताये कि ‘क्या ये विमान सुरक्षित हैं.’

अदालत ने डीजीसीए को इस संबंध में एक हलफनामा दाखिल करने और यह बताने का निर्देश दिया कि वह इन विमानों की सुरक्षा से संतुष्ट है. अदालत ने कहा कि साथ ही हलफनामे पर डीजीसीए के संयुक्त निदेशक से नीचे पद के किसी अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं होने चाहिए. पीठ ने यह निर्देश देते हुए कहा कि यह सर्वविदित है कि कई ए-320 नियो विमानों की उड़ान रोक दी गई है. हाल ही में 18 मार्च को एक विमान की उड़ान रोक दी गई थी.

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अदालत इस मामले में अब छह अप्रैल को आगे सुनवाई करेगी. अदालत ने 16 मार्च को शिनॉय का यह अनुरोध अस्वीकार कर दिया था कि सभी ए-320 नियो विमानों का संचालन रोक दिया जाए. सस्ती विमान सेवाप्रदाता इंडिगो और गोएयर इन विमानों का संचालन करती हैं. अदालत ने कहा कि शिनॉय की याचिका को अर्जी के तौर पर मानकर डीजीसीए को नोटिस जारी करते हुए विमान सुरक्षा नियमों के तहत हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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