"नोएडा में कोरोना संक्रमण बढ़ने का कारण दिल्ली", जिला प्रशासन ने आंकड़े पेश कर आप सरकार पर मढ़ी तोहमत

Delhi-Noida Border पर गुरुवार को हुए कोरोना के एंटीजन टेस्ट में 179 लोगों में से 9 संक्रमित मिले. इसका पॉजिटिव रेट 5.09 फीसदी है. जबकि जिले में 2,712 लोगों का एंटीजन टेस्ट हुआ, इसमें 27 ही पाजिटिव मिले और पॉजिटिव रेट मात्र 0.99 फीसदी है.

Delhi-Noida Border पर गौतम बुद्ध नगर प्रशासन ने शुरू की कोरोना जांच

नोएडा:

उत्तर प्रदेश (UP) के गौतम बुद्ध नगर जिले (Noida) के प्रशासन ने क्षेत्र में कोरोना के बढ़ते मामलों के पीछे दिल्ली को बड़ी वजह बताया है. जिला प्रशासन ने शुक्रवार को आंकड़े जारी कर कहा कि नोएडा में मिलने वाले ज्यादातर संक्रमित बॉर्डर (Delhi-Noida Border) पर हुई जांच में पॉजिटिव (Corona positive) पाए गए हैं.

गौतम बुद्ध नगर जिले में जब भी कोरोना के मामलों में वृद्धि होती है, तब जिला प्रशासन फौरन दिल्ली से लगे बॉर्डर पर लोगों की आवाजाही रोक लगा देता है या फिर कोरोना की जांच शुरू करता है. जिला प्रशासन के सूचना विभाग ने आंकड़े जारी कर यह जताने की कोशिश की है कि गौतम बुध्द नगर में कोरोना संक्रमण बढ़ने का कारण राजधानी दिल्ली है. जिला प्रशासन की सूचना अधिकारी राकेश कुमार चौहान ने गुरुवार को हुए कोरोना के जांच की पॉजिटिव रेट का हवाला दिया. उन्होंने बताया कि जिले में हुई कोरोना संक्रमितों की जांच में पॉजिटिव रेट मात्र एक फीसदी ही था. जबकि दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर हुई जांच में पॉजिटिव रेट 5 फ़ीसदी दर्ज मिला. यानी हर 5 जांच में से एक मरीज पॉजिटिव मिला.

गुरुवार को दिल्ली-नोएडा बार्डर पर हुए कोरोना के एंटीजन टेस्ट में 179 लोगों में से 9 संक्रमित मिले. इसका पॉजिटिव रेट 5.09 फीसदी है. जबकि जिले में 2,712 लोगों का एंटीजन टेस्ट हुआ, इसमें सिर्फ 27 ही पाजिटिव मिले, जिले में हुई कोरोना संक्रमितों की जांच में पॉजिटिव रेट मात्र 0.99 फीसदी है.

DM ने भी बताई थी यही वजह
डीएम सुहास एलवाई भी कहते रहे कि दिल्ली के कारण ही जिले में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा बढ़ रहा है. हर दिन नोएडा से लाखों की संख्या में लोग दिल्ली जाते हैं और दिल्ली से नोएडा आते हैं. इस कारण संक्रमण की दर बढ़ गई है. इसी के मद्देनजर जिला प्रशासन ने बार्डर पर सख्ती बरतने का निर्णय लिया है. जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने प्रशासनिक व स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ बैठक की. स्वास्थ्य विभाग को टीम बनाकर बार्डर और मेट्रो स्टेशन पर लोगों की रैंडम कोरोना जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं.

Newsbeep

जून-जुलाई में 40फीसदी बढ़ा था संक्रमण
जिलाधिकारी का मानना है कि पूर्व में भी संक्रमण की दर बढ़ने का कारण राजधानी ही थी. जून और जुलाई में 40 फीसदी कोरोना संक्रमण दिल्ली के कारण जिले में बढ़ा था. ऐसे में अब जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य दिल्ली से आने वाले संक्रमण की रोकथाम करना ही है. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठकर कर नई रणनीति तैयार की जा रही है. शासन को भी जानकारी देकर उचित कदम उठाने पर विचार किया जा रहा है. जिला प्रशासन बढ़ रहे कोरोना संक्रमण की दर को लेकर हर दिन शासन को रिपोर्ट करता है. संक्रमण की रोकथाम के लिए शासन से मिल रही गाइडलाइन का पालन किया जा रहा है.

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com


नोएडा-गाजियाबाद में बढ़ता संक्रमण चिंता की वजह
यूपी में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 2,880 नए मामले, 40 और मरीजों की मौत हुई है.पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में कोविड-19 के 3528 मरीज ठीक भी हुए हैं. राज्य में अब तक कुल 4,52,660 मरीज मिले हैं, जिनमें से 4,11,616 मरीज पूरी तरह ठीक हो चुके हैं. लखनऊ में सबसे ज्यादा 317 नए मरीजों का पता लगा है. इसके अलावा गाजियाबाद में 189, गोरखपुर में 153, वाराणसी में 137, प्रयागराज में 127, मुरादाबाद में 122 तथा गौतम बुद्ध नगर में 107 नए मरीजों में कोविड-19 संक्रमण की पुष्टि हुई है.