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सुनंदा पुष्कर मौत मामला : पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया

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नई दिल्ली: 17 जनवरी 2014 की रात दिल्ली पुलिस ने दक्षिणी दिल्ली के होटल लीला पैलेस के दो फ्लोर को सील कर दिया था। होटल के अंदर और बाहर पुलिस ही पुलिस थी और मीडिया का जमावड़ा भी। पता चला रूम नंबर 345 से पुलिस ने उस समय के केंद्रीय मंत्री शशि थरूर की पत्नी का शव बरामद किया है। करीब एक साल बाद पुलिस ने इस मामले में हत्या यानि आईपीसी 302 के तहत केस दर्ज कर लिया है। यह जानकारी मंगलवार को खुद दिल्ली पुलिस कमिश्नर बीएस बस्सी ने दी।

कई थ्योरी और कई रिपोर्ट

सुनंदा की मौत के फौरन बाद पुलिस ने डॉक्टरों के एक पैनल से उसका पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर्स समय समय पर अलग-अलग बयान देते रहे। कभी कहा गया की सुनंदा ने खुदकुशी की है, कभी कहा गया कि उसकी मौत दवाओं के ओवरडोज से हुई है, कभी खबर आई कि सुनंदा की मौत सामान्य नहीं है तो भी बताया गया कि उसकी मौत जहर से हुई। वहीं एम्स के फोरेंसिक विभाग के हेड ने यहां तक कह दिया कि सुनंदा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट बदलवाने के लिए उन पर दबाब डाला गया।

इन्हीं अटकलों के बीच दक्षिणी दिल्ली के एसडीएम सीआरपीसी 174 के तहत मामले की जांच करते रहे। उन्होंने सुनंदा के पति शशि थरूर समेत करीब 29 लोगों के बयान लिए। बयान में शशि के नौकर ने कहा कि मौत से पहले साहब और मैडम के बीच झगड़ा भी हुआ था और मारपीट भी। यहां तक फ्लाइट में भी वे झगड़ा कर रहे थे।

इस मामले की जांच में पाकिस्तानी पत्रकार मेहर तरार के साथ शशि थरूर की नजदीकियों की बात भी सामने आई और पता चला कि इसे लेकर सुनंदा पुष्कर नाराज चल रहीं थीं। सुनंदा ने अपनी नाराजगी ट्विटर के जरिए भी जाहिर की।

जिस होटल में सुनंदा का शव बरामद किया गया उसके स्टॉफ ने भी इस बात की तस्दीक की थी कि शशि थरूर और सुनंदा के बीच झगड़ा हुआ था। वहीं सुनंदा के इलाज कर रहे उके निजी डॉक्टर ने एसडीएम को दिए गए अपने बयान में कहा कि सुनंदा को ऐसी कोई गंभीर बीमारी नहीं थी, जिससे उनकी मौत हो जाए।

इस मामले में एम्स की डॉक्टरों ने फोरेंसिक जांच के बाद पुलिस को अपनी पहली आंतरिक रिपोर्ट 30 सितंबर 2014 को सौंपी जिसमें कहा गया कि सुनंदा की मौत जहर से हुई है, लेकिन इस बात की जांच कर पाना मश्किल है कि जहर की मात्रा कितनी है और किस तरह का है। यह भी बताया गया कि सुनंदा के शरीर पर करीब 14 चोटें हैं, लेकिन ये चोट मौत का कारण नहीं।

एम्स के डॉक्टरों ने अपनी रिपोर्ट में 6 तरह के जहर होनें का शक जताया, लेकिन यह भी कहा कि इसकी जांच भारत की फोरेंसिक लैब में नहीं की जा सकती। लेकिन एम्स के डॉक्टर्स ने दिल्ली पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट देने से पहले कई सबूत और सवालों के जबाब मांगे।

फाइनल रिपोर्ट के साथ केस दर्ज
दिल्ली पुलिस ने जैसे ही एम्स के डॉक्टरों को सभी सवालों के जबाब भेजे। डॉक्टरों ने एक फाइनल रिपोर्ट तैयार कर 29 दिसंबर 2014 को दिल्ली पुलिस को सौंप दी, जिसमें कहा कि कि सुनंदा की मौत समान्य नहीं हैं। उनकी मौत जहर से हुई है या तो जहर मुंह के रास्ते या इंजेक्शन से गया है। रिपोर्ट आते ही दिल्ली पुलिस ने मंगलवार यानि 6 जनवरी की सुबह दिल्ली के सरोजिनी नगर थाने में केस दर्ज कर लिया है।

विसरा की जांच
पुलिस कमिश्नर का कहना है कि अब मर्डर की जांच शुरू हो चुकी है, इसिलए जहर किस तरह का था और कितना था इसकी जांच के लिए सुनंदा का विसरी विदेश भेजा जाएगा।

शशि थरूर का बयान
सुनंदा पुष्कर के पति और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर दिल्ली पुलिस के इस क़दम पर हैरान हैं। उन्होंने कहा है कि वह चाहते हैं कि इस मामले की गहराई से जांच हो और वह पुलिस को पूरा सहयोग देंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने यह कभी नहीं सोचा था कि इस मामले में कोई गड़बड़ी होगी, हम चाहते हैं कि इस मामले की सही तरीके से जांच हो और जो भी सच है, लोगों के सामने आए।


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