Poll of Exit Polls: दिल्ली की सत्ता में फिर हो सकती है आम आदमी पार्टी की वापसी

Poll of Exit Polls: दिल्ली विधानसभा का चुनावी समर समाप्त हो चुका है. मतदान संपन्न होने और नतीजों के ऐलानों के बीच प्रत्याशियों के दिलों की धड़कने बढ़ाता है एग्जिट पोल.

Poll of Exit Polls: दिल्ली की सत्ता में फिर हो सकती है आम आदमी पार्टी की वापसी

2019 Poll of Exit Polls Delhi: दिल्ली की सत्ता पर फिर काबिज हो सकती है आम आदमी पार्टी

खास बातें

  • दिल्ली में विधानसभा चुनावों के लिए मतदान हुए समाप्त
  • मतदान खत्म होने के साथ ही एग्जिट पोल के आंकड़े आए सामने
  • लगभग सभी एग्जिट पोल में AAP को स्पष्ट बहुमत के संकेत
नई दिल्ली:

Poll of Exit Polls: दिल्ली विधानसभा चुनावों के लिए मतदान समाप्त होने के साथ ही एग्जिट पोल के आंकड़े भी आने शुरू हो गए हैं. एनडीटीवी के पोल ऑफ एग्जिट पोल्स के जरिए आप सभी मीडिया हाउसेज के एग्जिट पोल एक साथ देख सकते हैं. पोल ऑफ एग्जिट पोल के अनुसार आम आदमी पार्टी को 56 सीटों पर जीत मिल सकती है, तो वहीं बीजेपी के खाते में 14 सीटें आने की संभावना है. इसके अलावा कांग्रेस की झोली में एक भी सीट आना मुश्किल नजर आ रहा है. टाइम्‍स नाउ के एग्जिट पोल के अनुसार दिल्‍ली की 70 सीटों में से आम आदमी पार्टी को 47 सीटें मिल सकती हैं जबकि बीजेपी को 23 सीटें मिलने का अनुमान है. वहीं टीवी 9 भारतवर्ष-सिसेरो के एग्जिट पोल के अनुसार आम आदमी पार्टी 52-64 सीटें जीत सकती है जबकि बीजेपी को 6-16 सीटों से संतोष करना पड़ सकता है तो वहीं कांग्रेस को भी 0-2 सीटें मिलने का अनुमान है. रिपब्लिक टीवी के एग्जिट पोल की बात करें तो आम आदमी पार्टी के खाते में 48-61 सीटें जा सकती हैं वहीं बीजेपी के खाते में 9-21 सीटें जाने की संभावना है. इसके अलावा ABP News-C Voter के अनुसार आम आदमी पार्टी 49-63 सीटें जीतकर फिर सरकार बना सकती है. वहीं बीजेपी को 5-19 सीटें मिल सकती हैं. कांग्रेस 0-4 सीटें जीत सकती है. वहीं बात करें India Today - Axis My India के एग्जिट पोल की तो India Today - Axis My India के एग्जिट पोल के अुनसार आम आदमी पार्टी को 59-68 सीटें मिलने का अनुमान है जबकि बीजेपी को 2-11 सीटें मिल सकती हैं. वहीं कांग्रेस का खाता भी खुलना भी मुश्किल दिख रहा है.

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साल 2015 में जबरदस्त जीत हासिल करने के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री बने अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) एक और कार्यकाल हासिल करने की कोशिश में हैं. आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में पार्टी ने 2015 के विधानसभा चुनाव (Delhi Assembly Election) में कुल 70 में 67 सीटों पर जीत हासिल की थी, और शेष तीन सीटें BJP के खाते में गई थीं. उस समय दिल्ली इलेक्शन में कांग्रेस खाता भी नहीं खोल पाई थी, जबकि वर्ष 1998 से 2013 तक कांग्रेस लगातार 15 साल दिल्ली की सत्ता में रह चुकी थी.

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साल 2015 के विधानसभा चुनाव (Delhi Polls) में आम आदमी पार्टी (AAP) को 54.3 प्रतिशत वोट मिले थे. BJP 32.3 प्रतिशत वोट पाकर दूसरे स्थान पर रही थी और कांग्रेस को सिर्फ 9.7 प्रतिशत वोट मिल पाए थे. इससे सिर्फ दो साल पहले, साल 2013 के विधानसभा चुनाव (Delhi Vidhan Sabha Election) में आम आदमी पार्टी (AAP) ने 28 सीटें जीतकर आठ सीटें जीतने वाली कांग्रेस के 'बिना शर्त समर्थन' से सरकार बनाई थी, लेकिन वह ज़्यादा समय तक नहीं चल पाई थी. वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में BJP को 32 सीटों पर जीत मिली थी, और वह बहुमत के आंकड़े से चार सीट कम रह गई थी.