दिल्ली दंगों की साजिश के मामले में खालिद सैफी गिरफ्तार

खालिद सैफी यूनाइटेड अगेंस्ट हेट नाम का संगठन चलाता है. नार्थ ईस्ट के जगतपुरी दंगों में भी खालिद सैफी गिरफ्तार हो चुका है.

दिल्ली दंगों की साजिश के मामले में खालिद सैफी गिरफ्तार

दिल्ली दंगों की साजिश में खालिद सैफी गिरफ्तार

खास बातें

  • दिल्ली दंगों की साज़िश के मामले में एसआईटी ने खालिद सैफी को गिरफ्तार किया
  • उमर खालिद और ताहिर हुसैन की करवाई थी सैफी ने मीटिंग
  • दंगो के पहले शाहीनबाग में 8 जनवरी को मीटिंग हुई थी
नई दिल्ली :

दिल्ली दंगों की साज़िश के मामले में एसआईटी ने खालिद सैफी को गिरफ्तार किया है. खालिद सैफी को चांद बाग में हुई हिंसा की साजिश में शामिल होने के आरोप में अरेस्ट किया गया है. चांद बाग हिंसा में आम आदमी पार्टी से निष्कासित ताहिर हुसैन ( Tahir Hussain) के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो चुकी है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक दिल्ली दंगों के पहले उमर खालिद (Umar Khalid) और ताहिर हुसैन के बीच सैफी (Khalid Saifi) ने ही शाहीनबाग (Shaheen Bagh) में मीटिंग करवाई थी. 8 जनवरी को शाहीनबाग में हुई मीटिंग में उमर खालिद, ताहिर हुसैन और खालिद सैफी शामिल थे. 

क्राइम ब्रांच के सूत्रों के मुताबिक, खालिद सैफी उमर खालिद को जानता है और उमर खालिद और ताहिर हुसैन के बीच मुलाकात इसने ही करवाई थी. चांद बाग हिंसा की चार्जशीट में क्राइम ब्रांच ने दंगों के पहले शाहीनबाग में हुई मीटिंग का खुलासा करते हुए बताया था कि दंगों के पहले शाहीनबाग में 8 जनवरी को मीटिंग हुई थी जिसमें JNU का पूर्व छात्र उमर खालिद, ताहिर हुसैन और खालिद सैफी मौजद थे. 

पुलिस सूत्रों के अनुसार, मीटिंग में उमर खालिद ने कहा था कि जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दिल्ली में होंगे तो कुछ बड़ा करना है. वित्तीय सहायता पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के लोग देंगे. खालिद सैफी यूनाइटेड अगेंस्ट हेट नाम का संगठन चलाता है. नार्थ ईस्ट के जगतपुरी दंगों में भी खालिद सैफी गिरफ्तार हो चुका है.

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वहीं, यूनाइटेड अगेंस्ट हेट संस्था के मुताबिक, "खालिद सैफी को 26 फरवरी को खुरेजी खास से गिरफ्तार किया गया. वहां कोई दंगा नहीं हुआ था बल्कि पुलिस ने कार्रवाई की थी. खालिद सैफी हालात को संभालने में लगे थे. बाद में पुलिस ने उन्हें बुरी तरह प्रताड़ित किया और उन्हें व्हीलचेयर में कोर्ट ले गए. सैफी के खिलाफ 3 केस दर्ज किए गए."

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संस्था ने कहा, "सैफी एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं और वो एंटी सीएए प्रोटेस्ट में बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रहे थे, उन्होंने एक बार सड़क जाम कर रही महिलाओं और पुलिस के बीच मध्यस्थता कर उन्हें सड़क से हटाया. ताहिर हुसैन और खालिद सैफी एक ही सैफी समुदाय से हैं. खालिद ने ताहिर हुसैन को केवल एक बार कॉल किया. एक महज़ एक फोन कॉल से कोई इतनी बड़ी साज़िश रच सकता है. पुलिस ऐसा दिखाने की कोशिश कर रही है कि अगर आप किसी को जानते हैं तो आप साज़िश में शामिल हैं. ये आरोप अदालत में टिक नहीं पाएंगे."

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