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गोवा के अस्पतालों में नाबालिग लड़कियों के प्रसव पर नजर रखी जाएगी

नाबालिग पत्नी के साथ शारीरिक संबंध को रेप घोषित करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद गोवा के सरकारी अस्पतालों में नाबालिग लड़कियों के प्रसव के मामलों पर नजर रखी जाएगी.

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गोवा के अस्पतालों में नाबालिग लड़कियों के प्रसव पर नजर रखी जाएगी

प्रतीकात्मक चित्र

पणजी: नाबालिग पत्नी के साथ शारीरिक संबंध को रेप घोषित करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद गोवा के मंत्री विश्वजीत राणे ने कहा है कि सरकारी अस्पतालों में नाबालिग लड़कियों के प्रसव के मामलों पर नजर रखी जाएगी. सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अपने एक ऐतिहासिक फैसले में नाबालिग पत्नी के साथ यौन संबंध बनाने को अपराध करार देते हुए इसे बलात्कार माना है. राणे ने कहा, 'यह ऐसा निर्णय है जिसका स्वागत किए जाने की जरूरत है. हमारे पास सरकारी अस्पतालों में प्रसव के कई ऐसे मामले ऐसे आते है जहां मां की उम्र 16 वर्ष होती है.'

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उन्होंने कहा, 'प्रसव कराने आईं बहुत सारी महिलाएं 18 वर्ष से कम उम्र की होती हैं. कुछ मामलों में, वे केवल 16 वर्ष की होती हैं. मैंने अपने विधानसभा क्षेत्र में देखा है कि जो लोग बाहर से आते हैं उनमें से कुछ 14-15 वर्ष की उम्र में मां बन जाती हैं."

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राणे ने कहा कि उन्होंने सरकारी अस्पतालों के प्रमुखों को इस तरह के मामलों पर नजर रखने और संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में इसे लाए जाने के दिशा-निर्देश जारी किए हैं. (इनपुट एजेंसी से)


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