क्या अटल बिहारी वाजपेयी ने इंदिरा गांधी को 'दुर्गा' कहा था? यह है सच्चाई

अटल बिहारी वाजपेयी के सबसे करीबी मित्रों में से एक और उनके साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नींव रखने वाले वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी इससे इनकार करते हैं.

क्या अटल बिहारी वाजपेयी ने इंदिरा गांधी को 'दुर्गा' कहा था? यह है सच्चाई

अटल बिहारी वाजपेयी के 'दुर्गा' वाले बयान की राजनीति में खूब चर्चा होती है.

खास बातें

  • अक्सर वाजपेयी द्वारा इंदिरा गांधी को 'दुर्गा' कहने की चर्चा होती
  • लेकिन उनके सहयोगी लालकृष्ण आडवाणी इससे इनकार करते हैं
  • खुद अटल जी ने भी एक इंटरव्यू में इससे साफ इनकार किया था
नई दिल्ली:

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का जब भी जिक्र होता है तो उनके एक 'बयान' की जोर-शोर से चर्चा होती है. यह बयान देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से जुड़ा है. अटल बिहारी वाजपेयी और इंदिरा गांधी राजनीति के दो ध्रुव पर खड़े नेता थे, ऐसे ध्रुव जिनका आपस में कोई मेल नहीं था, कहीं से कोई समानता नहीं थी, लेकिन कहा जाता है कि साल 1971 के युद्ध में पाकिस्तान को रणभूमि में धूल चटाने के बाद अटल बिहारी वाजपेयी ने तत्कालीन पीएम इंदिरा गांधी को 'दुर्गा' की उपमा दे डाली. तमाम मौकों पर वाजपेयी जी के इस बयान की चर्चा होती है, लेकिन क्या अटल बिहारी वाजपेयी ने वाकई ऐसा कुछ कहा भी था?
 
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अटल बिहारी वाजपेयी के सबसे करीबी मित्रों में से एक और उनके साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नींव रखने वाले वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी इससे इनकार करते हैं. अपनी जीवनी "मेरा देश मेरा जीवन" में इसका खंडन करते हुए वह लिखते हैं कि अटल बिहारी वाजपेयी ने इंदिरा गांधी को ऐसी कोई उपमा नहीं दी थी, बल्कि ऐसा किसी और सदस्य ने कहा था. हालांकि उस समय संसद की कार्यवाही की रिकॉर्डिंग की व्यवस्था नहीं थी ऐसे में यह रिकॉर्ड नहीं हो पाया. आडवाणी की जीवनी की प्रस्तावना खुद वाजपेयी जी ने ही लिखी है. 

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अटल बिहारी वाजपेयी ने खुद अपने इस बयान का खंडन किया है. एक निजी टीवी चैनल को दिये इंटरव्यू में उन्होंने इस बात से साफ इनकार किया कि उन्होंने इंदिरा गांधी को 'दुर्गा' की उपमा दी थी. बकौल अटल जी, उन्होंने युद्ध में जीत की तारीफ़ जरूर की थी लेकिन ऐसा कुछ नहीं कहा था. इंटरव्यू में वह कहते हैं कि पता नहीं कैसे मेरे नाम के साथ इस बयान को जोड़ा गया और अगले दिन तमाम अखबारों में प्रकाशित भी हो गया.  अटल जी के सक्रिय राजनीतिक जीवन से लेकर अब तक उनके साथ साये की तरह रहने वाले उनके सहयोगी शिव कुमार उर्फ़ दद्दा भी 'दुर्गा' की उपमा वाले बयान से साफ़ इनकार करते हैं. वह भी यही कहते हैं कि अटल जी ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया था. पता नहीं उनका नाम इस बयान से कैसे जुड़ गया और धीरे-धीरे उनके नाम की तरह यह 'अटल' सत्य सा बन गया.