NDTV Khabar

दिग्विजय सिंह ने फोटो शेयर करते हुए लिखा- RSS में कहां है स्थान, अमित शाह खुद देख लें

ट्विटर पर अमित शाह की फोटो शेयर करते हुए दिग्विजय सिंह ने लिखा है कि अमित शाह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हो सकते हैं, लेकिन संघ में उनका स्थान कहां है ख़ुद देख लें.

1.2K Shares
ईमेल करें
टिप्पणियां
दिग्विजय सिंह ने फोटो शेयर करते हुए लिखा- RSS में कहां है स्थान, अमित शाह खुद देख लें

दिग्विजय सिंह का अमित शाह पर कटाक्ष

खास बातें

  1. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सहयोगी संगठनों की समन्वय बैठक हुई
  2. अमित शाह भी इसमें हिस्सा लेने पहुंचे थे
  3. इसी कार्यक्रम की तस्वीर शेयर कर दिग्विजय सिंह ने किया कमेंट
नई दिल्ली: वृंदावन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सहयोगी संगठनों की समन्वय बैठक हुई, जिसमें जम्मू-कश्मीर में आंतरिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर चर्चा हुई. इस बैठक में सरसंघचालक मोहन भागवत और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह समेत कई प्रमुख नेताओं ने हिस्सा लिया. इस बैठक को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने अमित शाह पर तंज कसा है. इस बैठक में अमित शाह सबसे पीछे बैठे दिखाई दिए. इस बैठक में स्वयंसेवकों की राजनीतिक-सामाजिक हैसियत के हिसाब से कुर्सियां तय नहीं होतीं, लिहाजा अमित शाह को पीछे बैठना पड़ा. ट्विटर पर अमित शाह की फोटो शेयर करते हुए दिग्विजय सिंह ने लिखा है कि अमित शाह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हो सकते हैं, लेकिन संघ में उनका स्थान कहां है ख़ुद देख लें.  उल्लेखनीय है कि संघ से जुड़े 40 सहयोगी संगठनों की इस समन्वय बैठक की अध्यक्षता मोहन भागवत ने की.
 संघ के एक पदाधिकारी ने बताया कि बैठक के दौरान वरिष्ठ प्रचारक अरुण कुमार ने कश्मीर की स्थिति का उल्लेख किया. उन्होंने जम्मू-कश्मीर में आंतरिक सुरक्षा की स्थिति की चर्चा की और राह से भटके हुए कुछ लोगों को मुख्यधारा में लाने की जरूरत बताई. उन्होंने हाल के दिनों में घाटी में पत्थरबाजी और आतंकी घटनाओं में कमी आने का जिक्र किया और इस दिशा में प्रयास के लिए केंद्र सरकार के कार्यों की सराहना की. 

इन चार 'P' के आधार पर पीएम नरेंद्र मोदी चुनने जा रहे हैं अपनी टीम के नए सदस्य

गौरतलब है कि हाल ही में नोटबंदी के मुद्दे को लेकर घिरे पीएम नरेंद्र मोदी के समर्थन में आरएसएस ने कहा था कि दे
को लंबे समय में फायदा होगा. इसके साथ ही संघ ने डोकलाम गतिरोध से निपटने को लेकर केंद्र की सराहना की और कहा कि चीनी सैनिकों की वापसी से भारत की ‘प्रतिष्ठा’बढ़ी है. हालांकि इससे पहले संघ से जुडे कुछ संगठनों ने पांच सौ और एक हजार के पुराने नोटों को बंद करने के मुद्दे पर सरकार की आलोचना की थी. यह पहली बार है जब संघ के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने नोटबंदी का स्पष्ट तौर पर समर्थन किया है. (इनपुट्स भाषा से भी)


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement